शव रखकर हंगामा करते परिजन (सोर्स- नवभारत लाइव)
मथुरा

मजदूर की मौत के बाद भड़का आक्रोश; शव रखकर ग्रामीणों ने किया हंगामा, मुआवजे और कार्रवाई की मांग पर अड़े परिजन

Mathura Labour Death Case: गोवर्धन राष्ट्रीय इंटर कॉलेज में निर्माण कार्य के दौरान छजली गिरने से मजदूर की मौत हो गई। ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए कॉलेज गेट पर शव रखकर मुआवजे और कार्रवाई की मांग की।

मोहन श्याम शर्मा, स्निग्धा श्रीवास्तव

Govardhan College Labour Death Case: गोवर्धन के राष्ट्रीय इंटर कॉलेज में निर्माण और सुंदरीकरण कार्य के दौरान हुए हादसे में मजदूर की मौत के बाद शनिवार को आक्रोश भड़क उठा। मृतक मजदूर पंकज का शव लेकर परिजन और सैकड़ों ग्रामीण राष्ट्रीय इंटर कॉलेज के मुख्य द्वार पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने शव को गेट के सामने रखकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान प्रशासन और ठेकेदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। परिजनों ने मृतक के परिवार के भरण-पोषण के लिए उचित मुआवजा और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप

बताया गया कि राष्ट्रीय इंटर कॉलेज के मुख्य मार्ग पर निर्माण एवं सुंदरीकरण का कार्य कराया जा रहा है। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि यह कार्य मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की देखरेख में ठेकेदार के माध्यम से कराया जा रहा था और निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। इसी कथित लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ।

शुक्रवार सुबह करीब दस बजे मजदूर निर्माण कार्य में जुटे हुए थे। इसी दौरान कॉलेज के मुख्य द्वार की छजली अचानक भरभरा कर नीचे गिर गई। छजली के मलबे की चपेट में आने से राजस्थान के भरतपुर जिले के तालफरा गांव निवासी पंकज पुत्र रामवीर और अड़ींग निवासी लाल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद दोनों घायलों को उपचार के लिए गोवर्धन अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए दोनों को आगरा रेफर कर दिया गया। आगरा में उपचार के दौरान पंकज की मौत हो गई।

शव को कॉलेज के मुख्य द्वार पर रखकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

पंकज की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। शनिवार को जब उसका शव गोवर्धन पहुंचा तो परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। शव को राष्ट्रीय इंटर कॉलेज के मुख्य द्वार पर रखकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर मजदूरों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता तो हादसे को रोका जा सकता था।

पंकज ही परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा था

मृतक के परिजनों ने एक और गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि हादसा सुबह करीब दस बजे हुआ, लेकिन परिवार को घटना की सूचना शाम करीब चार बजे दी गई। सूचना देने में हुई देरी को लेकर परिजनों में खासा आक्रोश है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और सूचना देने में देरी के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय करने की मांग की।

पंकज अपने पीछे पत्नी, छह वर्षीय बेटा और तीन वर्षीय बेटी छोड़ गया है। परिवार का कहना है कि पंकज ही परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा था। उसकी मौत के बाद पत्नी और छोटे बच्चों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

ग्रामीणों ने ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, हादसे की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की भूमिका की जांच करने तथा पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे परिजनों एवं ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया, लेकिन परिजन मुआवजे और कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।

BRICS 2026: इथियोपिया ने भारतीय माइनिंग कंपनियों के लिए खोले दरवाजे, मलेशिया संग सेमीकंडक्टर पर बनी बात

BRICS Summit 2026 LIVE: थोड़ी देर में शुरू होगा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन; संयुक्त घोषणापत्र पर सहमति बनी

PM मोदी ने मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से की मुलाकात, व्यापार, रक्षा और डिजिटल सहयोग पर बड़ी चर्चा

BRICS Summit: वर्ल्ड लीडर से पीएम मोदी की मुलाकात का दौर, चीन के राष्ट्रपति पहुंचे दिल्ली

BRICS Summit 2026 LIVE: भारत पहुंचे शी जिनपिंग; PM नरेंद्र मोदी की इथियोपिया-मलेशिया के साथ बैठक