UP Freight Logistics Multimodal Connectivity: उत्तर प्रदेश के लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) और इन्वेस्ट यूपी के बीच गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
यह साझेदारी राज्य में माल ढुलाई (फ्रेट मूवमेंट), मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और निवेश के अवसरों को नए आयाम देगी। यह समझौता ज्ञापन अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) श्री दीपक कुमार की उपस्थिति में हुआ। डीएफसीसीआईएल की ओर से कार्यकारी निदेशक/परियोजना श्री संदेश श्रीवास्तव और इन्वेस्ट यूपी की ओर से मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री विजय किरन आनंद ने इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए
इस सहयोग के तहत उत्तर प्रदेश में विस्तृत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) नेटवर्क का उपयोग कर माल ढुलाई को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी को बेहतर किया जाएगा। DFCCIL औद्योगिक क्षेत्रों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के साथ समन्वय कर सड़क परिवहन से माल को अधिक दक्ष डीएफसी रेल नेटवर्क की ओर स्थानांतरित करने को बढ़ावा देगा। इससे लॉजिस्टिक्स लागत कम करने तथा फर्स्ट और लास्ट-माइल डिलीवरी समय को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
इन्वेस्ट यूपी डीएफसी से जुड़े इन लॉजिस्टिक्स लाभों को देशी और वैश्विक कंपनियों के समक्ष प्रस्तुत करेगा, ताकि उत्तर प्रदेश को मैन्युफैक्चरिंग हब, असेंबली यूनिट और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं की स्थापना के लिए पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सके।
दोनों संस्थाएं समन्वय और संयुक्त कार्ययोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करेंगी। इन्वेस्ट यूपी औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 यूपी वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स नीति-2022, गति शक्ति मल्टीमॉडल कार्गो टर्मिनल नीति से संबंधित नियामकीय एवं इंफ्रास्ट्रक्चर जानकारी साझा करेगा।
औद्योगिक भूखंडों के इंडेक्स, GIS मैपिंग और आगामी औद्योगिक कॉरिडोर के मास्टर प्लान को पीएम गति शक्ति पोर्टल से जोड़ा जाएगा। नियमित स्टेकहोल्डर बैठकों के माध्यम से निवेशकों की समस्याओं और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़े मुद्दों का समाधान किया जाएगा।
यह गैर-वित्तीय समझौता तीन वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा यह साझेदारी राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति के अनुरूप उत्तर प्रदेश में एकीकृत, प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।