जिलाधिकारी संजय चौहान (सोर्स- फोटो नवभारत)
उत्तर प्रदेश

कुशीनगर में नारायणी नदी का तटबंध टूटा; 30 मीटर की दरार से मचा हड़कंप, प्रशासन ने ग्रामीणों को किया सतर्क

Kushinagar Narayani River: नारायणी नदी पर बने एपी तटबंध में करीब 25 से 30 मीटर टूट गई। जलस्तर बढ़ने के बीच तटबंध टूटने से आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ा है। राहत-बचाव टीमें मौके पर तैनात हैं।

अभिनव श्रीवास्तव, स्निग्धा श्रीवास्तव

Kushinagar Narayani River Embankment Breach: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के तमकुहीराज तहसील क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है। नारायणी नदी पर बने एपी तटबंध में करीब 25 से 30 मीटर की टूट हो गई है। यह घटना वीरवट कोहवलिया-जवहीं दयाल उर्फ चैनपट्टी के पास किलोमीटर-5 पर बताई जा रही है। तटबंध के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही प्रशासन और बाढ़ खंड की टीमें मौके पर पहुंच गईं। वहीं, आसपास के गांवों में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने के बीच टूटा तटबंध

जानकारी के अनुसार, पिछले करीब तीन दिनों से नारायणी नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही थी। इसके साथ ही एपी तटबंध के किलोमीटर-5 वाले हिस्से में पिछले दिन से रिसाव की स्थिति भी बनी हुई थी।

तटबंध में रिसाव की जानकारी मिलने के बाद बाढ़ खंड की टीमें सक्रिय हुई थीं। प्रशासनिक अमले के साथ मिलकर रिसाव को रोकने और तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए बचाव कार्य किया जा रहा था। हालांकि, लगातार प्रयासों के बावजूद स्थिति पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकी और आखिरकार तटबंध के एक हिस्से में करीब 25 से 30 मीटर की टूट हो गई।

तटबंध टूटने की जानकारी सामने आने के बाद आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन की टीमें संभावित प्रभाव वाले क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं।

ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह

तटबंध के क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रशासन ने आसपास के ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से क्षतिग्रस्त तटबंध के आसपास नहीं जाने और आवश्यकता पड़ने पर ऊंचे तथा सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।

इसके साथ ही प्रशासन की ओर से लोगों को पैनिक न करने की सलाह दी जा रही है। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की जा रही है।प्रशासन का फोकस फिलहाल तटबंध के क्षतिग्रस्त हिस्से को नियंत्रित करने के साथ-साथ आसपास के गांवों में संभावित बाढ़ के प्रभाव को कम करने पर है।

राहत और बचाव टीमें मौके पर तैनात

तटबंध में टूट के बाद प्रशासनिक टीमें लगातार मौके पर मौजूद हैं। संबंधित विभागों की ओर से क्षतिग्रस्त हिस्से की स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।नारायणी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बीच तटबंध टूटने से प्रशासन के सामने चुनौती बढ़ गई है। ऐसे में अगले कुछ घंटे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। प्रशासन की टीमें स्थिति के अनुसार आगे की कार्रवाई करने में जुटी हैं।

कुशीनगर जिले के जिलाधिकारी संजय चौहान, पुलिस अधीक्षक केशव कुमार और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। ग्रामीणों से सतर्क रहने, सुरक्षित स्थानों पर जाने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

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