दुर्दांत अपराधी विकास दुबे  (फाइल फोटो)
कानपुर

कागजों में भी खत्म हुआ बिकरू कांड का मुख्य अपराधी विकास दुबे, 2256 दिन बाद जारी हुआ मृत्यु प्रमाण पत्र

Kanpur Crime News: बिकरू कांड के आरोपी विकास दुबे का एनकाउंटर के 2256 दिन बाद मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया। पंचायतनामा-बॉडी डिस्पोजल स्लिप में पिता का नाम गलत दर्ज होने के कारण प्रमाण पत्र अटका था

अभिनव श्रीवास्तव, स्निग्धा श्रीवास्तव

Vikas Dubey Death Certificate Kanpur: दुर्दांत अपराधी विकास दुबे अब दस्तावेजों में भी खत्म हो गया है। एनकाउंटर में मारे जाने के बाद विकास दुबे का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं हो सका था जिसके चलते कुख्यात अपराधी विकास दुबे हकीकत में तो मर गया था लेकिन दस्तावेजों ने उसे जिंदा कर रखा था।

2256 दिन बाद जारी हुआ मृत्यु प्रमाण पत्र

यूपी पुलिस और एसटीएफ ने बिकरू कांड के बाद 10 जुलाई 2020 को एनकाउंटर में कुख्यात अपराधी विकास दुबे को मार गिराया था लेकिन विकास दुबे दस्तावेजों में जिंदा था विकास दुबे की मौत के बाद उसका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं हो सका था। पंचायतनामा और बॉडी डिस्पोजल स्लिप में उसके पिता का नाम गलत लिख गया था। उसके पिता का नाम रामकुमार दुबे के स्थान पर राजकुमार दुबे दर्ज हो गया था। जिसकी वजह से उसका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं हो रहा था और दस्तावेज उसे मरा हुआ नहीं मान रहे थे।

पत्नी ने रिट याचिका दाखिल कर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की

विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे ने कई साल विभाग और अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद उच्च न्यायालय इलाहाबाद में रिट याचिका दाखिल करते हुए मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की थी। जिसके बाद उच्च न्यायालय ने इस मामले को संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग से आख्या तलब की थी जिसके बाद कानपुर के सीएमओ डॉक्टर हरीदत्त नेमी इस प्रकरण की जांच करने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे।

इस खबर को नवभारत लाइव में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था इसके बाद 10 जुलाई 2020 को एनकाउंटर में मारे गए विकास दुबे का 2256 दिन बाद मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हो सका और अब विकास दुबे दस्तावेजों में भी खत्म हो गया यानि अब विकास दुबे का खात्मा जड़ से हो गया है।

दस्तावेजों में जिंदा था विकास दुबे

विकास दुबे का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा सका था जिसके चलते वह दस्तावेजों में जिंदा बना हुआ था। पत्नी ऋचा दुबे ने उच्च न्यायालय में रिट याचिका दाखिल करते हुए यह कहा था कि दस्तावेजों में विकास दुबे को मृत नहीं माना गया जिसकी वजह से उसके नाम पर हुई बीमा पॉलिसी का लाभ उसके नॉमिनी को नहीं मिल रहा। इसके साथ ही विकास दुबे के नाम पर जितनी संपत्ति थी जो जमीन थी वह भी उसके वारिसों के नाम पर स्थानांतरित नहीं हो रही थी। रिचा दुबे ने बताया मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने के बाद अब इन सब का लाभ उसके वारिसो को मिल सकेगा।

2 जुलाई 2020 को हुआ था चर्चित बिकरू कांड

2 जुलाई 2020 को कानपुर कमिश्नरेट के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में एक ऐसा कांड हुआ जिसने कानपुर ही नहीं उत्तर प्रदेश के साथ पूरे देश को हिला कर रख दिया था। कुख्यात अपराधी विकास दुबे को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम को पहले योजना के तहत जेसीबी लगाकर पुलिस के वाहनों को सड़क पर रोक दिया गया और जब पुलिस अपने वाहनों से उतरकर जेसीबी पार कर विकास दुबे के घर की तरफ बढ़ी तो विकास दुबे के घर की छत से और आसपास के घरों की छत से घेराबंदी कर पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी गई। इस कांड में सीओ समेत 8 पुलिसकर्मियों की जान चली गई थी जिसके बाद यूपी पुलिस और एसटीएफ ने मिलकर इस कांड से जुड़े 6 अपराधियों को एनकाउंटर में मार गिराया था।

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