Satyadev Pachauri UGC Equity Regulations: कानपुर नगर से पूर्व सांसद रहे वरिष्ठ भाजपा नेता सत्यदेव पचौरी ने यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन को लेकर चल रहे विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर वर्तमान स्थिति से अवगत कराया है।सत्यदेव पचौरी ने अपने लिखे पत्र में यह लिखा है यूजीसी के नए प्रावधानों को लेकर सवर्ण समाज में भारी आक्रोश है। उन्होंने अपने लिखे पत्र में यह कहा कि उन्होंने पिछले दिनों राजस्थान,मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश का व्यापक भ्रमण किया था।
इस दौरान समाज में विभिन्न तबकों से उनका व्यक्तिगत और सार्वजनिक रूप से संवाद हुआ जिसमें उन्होंने महसूस किया कि सवर्ण समाज में खास तौर पर युवाओं और विद्यार्थियों में यूजीसी के नए प्रावधानों को लेकर बेहद गुस्सा है। वह इसे भविष्य को बर्बाद करने का कारण मानते हैं।राजस्थान में करणी सेना ने आंदोलन का ऐलान किया है। कानपुर सहित कई जिलों में इस मुद्दे पर सवर्ण समाज और इससे जुड़े संगठनों के द्वारा आक्रोश रैली निकालकर विरोध जताया गया है।
पूर्व भाजपा सांसद सत्यदेव पचौरी ने प्रधानमंत्री को लिखे गए अपने पत्र में यूजीसी रोलबैक को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए वर्तमान स्थिति में इसे भाजपा के लिए बड़ा नुकसान बताया उन्होंने अपने पत्र में यह लिखा कि अगर यही स्थिति रही तो भविष्य में भारतीय जनता पार्टी को इससे बड़ा नुकसान हो सकता है इसलिए उन्होंने अपने पत्र में विनम्र आग्रह करते हुए यूजीसी के नए प्रावधानों को वापस लेने पर गंभीरता से विचार करने के लिए कहा है।
पूर्व भाजपा सांसद सत्यदेव पचौरी ने अपने लिखे गए पत्र में निवेदन करते हुए लिखा की यूजीसी के नए प्रावधान को प्रधानमंत्री और सरकार ही वापस ले ताकि सवर्ण समाज में यह संदेश जाए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार इस मामले में बेहद संवेदनशील और गंभीर है उसे हर वर्ग की चिंता है और वह किसी भी वर्ग के साथ अन्याय नहीं कर सकती है।
1967 से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत करने वाले मध्य प्रदेश के भिंड जिले में जन्मे सत्यदेव पचौरी ने कानपुर में अपनी अलग पहचान बनाई है। वीएसएसडी कॉलेज छात्रसंघ से जोड़कर छात्रों की राजनीति करने वाले सत्यदेव पचौरी कई बार विधायक और कानपुर नगर के सांसद रह चुके हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में भी सत्यदेव पचौरी की अच्छी पैठ है।
पूर्व भाजपा सांसद सत्यदेव पचौरी ने अपने लिखे गए पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन संघ जनसंघ और फिर भाजपा के लिए समर्पित किया है।भविष्य में भी इसी तरह वह पार्टी के लिए आजीवन समर्पित रहेंगे। पार्टी की सेवा करते हुए वह विधायक ,मंत्री और सांसद बने।पार्टी का हित चिंतक होने के नाते वह अनुरोध कर रहे हैं की पार्टी और जनहित में यूजीसी के नए प्रावधानों को वापस लेने का फैसला शीघ्र ही अपने स्तर से लें।