Fake Press Police Sticker Vehicles Kanpur: कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने अभियान चलाकर वाहनों पर फर्जी तरीके से प्रेस या पुलिस का स्टीकर लगाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके चलते पुलिस लगातार चेकिंग कर रही है और ऐसे वाहनों को चिन्हित किया जा रहा है जिन पर फर्जी पुलिस या प्रेस का स्टीकर लगा हुआ है। शुरुआती कार्रवाई में 63 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई भी की गई है।
पुलिस चेकिंग अभियान चलाकर ऐसे वाहनों को चिन्हित कर रही है जिन पर पुलिस या प्रेस का स्टीकर लगा हुआ है। इसके बाद उनके आईडी प्रूफ और दस्तावेजों की जांच की जाती है। जो भी व्यक्ति आईडी दिखाने में असमर्थ होता है उसके विरुद्ध पुलिस कार्रवाई कर रही है। संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ विपिन टाडा ने जानकारी दी है कि यदि कोई व्यक्ति फर्जी तरीके से स्टीकर लगाया हुआ पाया जाता है तो उसके विरुद्ध चालान और अन्य कार्रवाई की जा रही है।
पहले दिन की कार्रवाई में 63 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई ऐसे लोग पुलिस को यह बताते हुए मिले कि उनके रिश्तेदार प्रेस में है या उनके रिश्तेदार पुलिस में हैं।संयुक्त पुलिस आयुक्त के अनुसार वही व्यक्ति स्टीकर लगा सकता है जो संबंधित विभाग या संस्थान से अधिकृत हो।
पुलिस ने अभियान चलाकर प्रेस और पुलिस का स्टीकर फर्जी तरीके से लगाने वाले लोगों पर शिकंजा कसना तो शुरू कर दिया है। कार्रवाई भी शुरू हो गई है, लगातार चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं लेकिन अब ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है की क्या सिर्फ प्रेस और पुलिस का स्टीकर ही फर्जी तरीके से लगाने वाले लोगों पर कार्रवाई होगी या उन पर भी कार्रवाई होगी।
जिन्होंने अपनी निजी वाहनों पर भारत सरकार का स्टीकर फर्जी तरीके से लगा रखा है हाल ही में कई वाहनों के फोटो भी सामने आए हैं जिन पर फर्जी तरीके से भारत सरकार का स्टीकर लगा हुआ है। कई ऐसे फोटो भी सामने आए हैं जिनमें बैंक अधिकारियों की निजी गाड़ियों पर भारत सरकार का स्टीकर लगा हुआ दिखाई दे रहा है।
किसी भी बैंक का अधिकारी अपनी निजी गाड़ी पर भारत सरकार नहीं लिख सकता। किसी भी सरकारी या बैंक कर्मचारी को अपनी निजी कार पर 'भारत सरकार', 'सरकारी ड्यूटी' या पद का नाम लिखने की अनुमति नहीं है। ऐसा करना मोटर व्हीकल एक्ट और कानून के खिलाफ है।भारत सरकार' या सरकारी लोगो केवल उन्हीं वाहनों पर लिखा जा सकता है जो आधिकारिक रूप से सरकार या बैंक के स्वामित्व में हैं और जिनका उपयोग केवल आधिकारिक कार्यों के लिए किया जाता है।
निजी गाड़ी पर अवैध रूप से 'भारत सरकार' लिखने पर ट्रैफिक पुलिस भारी जुर्माना लगा सकती है और वाहन को जब्त भी किया जा सकता है। इसे धोखाधड़ी याा अधिकार का दुरुपयोग माना जा सकता है। यदि गाड़ी बैंक द्वारा अधिकृत या लीज पर भी ली गई है, तब भी उस पर पद या विभाग का नाम लिखा जा सकता है, लेकिन आम तौर पर प्रशासनिक गाड़ियों पर भी "भारत सरकार" का बोर्ड या नाम लिखवाने की अनुमति नहीं होती है।