अस्पताल में रखे मृतकों के शव  ( सोर्स- नवभारत लाइव)
कानपुर

कानपुर में दिवाली की तैयारियों के बीच अचानक गिरी छत; मां की गोद में खेल रहे 20 दिन के मासूम समेत 3 की मौत

Kanpur House Collapse: कानपुर के पनकी पड़ाव में एक कच्चे मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय एक ही कमरे में मौजूद सास, बहू और 20 दिन का मासूम मलबे में दब गए।

अभिनव श्रीवास्तव, रवनेश विश्‍वकर्मा

Highlights:

  • कानपुर में छत गिरने से सास-बहू और 20 दिन के बच्चे की मौत

  • मां की गोद में था मासूम, पति भी हादसे में घायल

  • पानी के रिसाव से छत गिरने की आशंका, जांच जारी

Kanpur Diwali Accident: दीपावली पर जहां हर परिवार खुशियां मना रहा था, वहीं कानपुर के एक परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। पनकी पड़ाव इलाके में एक कच्चे मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय एक ही कमरे में मौजूद सास, बहू और 20 दिन का मासूम मलबे में दब गए। तीनों की मौत हो गई, जबकि बच्चे का पिता घायल हो गया।

हादसे के समय परिवार के लोग घर में बैठकर दीपावली की तैयारी कर रहे थे। 20 दिन का मासूम अपनी मां की गोद में था। अचानक छत गिरने से परिवार को संभलने तक का मौका नहीं मिला। घटना के बाद पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई।

35 साल पुराने पुश्तैनी मकान की छत गिरी

यह हादसा कानपुर कमिश्नरेट के पश्चिमी जोन में पनकी थाना क्षेत्र के पनकी पड़ाव में हुआ। यहां अवधेश शुक्ला का परिवार करीब 35 साल पुराने पुश्तैनी मकान में रहता है। मकान में चार कमरे हैं। इसकी दीवारें कच्ची थीं और छत बांस-बल्ली के सहारे बनी हुई थी।

हादसे के समय हर्ष शुक्ला अपनी मां विनोदिनी शुक्ला के साथ कमरे में कुर्सी पर बैठकर बातचीत कर रहा था। वहीं, उसकी पत्नी अंशिका शुक्ला जमीन पर बैठकर अपने 20 दिन के बेटे आरव को गोद में लेकर दूध पिला रही थी। परिवार के अन्य सदस्य अवधेश शुक्ला और राजू शुक्ला दूसरे कमरे में बैठकर दीपावली की तैयारी कर रहे थे।

इसी दौरान अचानक तेज आवाज के साथ कमरे की छत भरभराकर गिर गई। हर्ष, उसकी मां विनोदिनी, पत्नी अंशिका और बेटा आरव मलबे में दब गए। छत गिरने की आवाज सुनकर मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव में जुट गए।

मां ने बच्चे को बचाने की कोशिश की, लेकिन नहीं बच सकी जान

मलबे में दबे चारों लोगों को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कल्याणपुर ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने विनोदिनी शुक्ला, उनकी बहू अंशिका शुक्ला और 20 दिन के पोते आरव को मृत घोषित कर दिया। हादसे में हर्ष शुक्ला घायल हुआ।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के दौरान सबसे पहले एक बल्ली विनोदिनी शुक्ला के सिर पर गिरी। वहीं, अंशिका मलबे में दब गई। उसने अपने बच्चे को बचाने के लिए उसे कसकर गोद में पकड़ लिया था। जब मलबा हटाया गया तो अंशिका के नीचे उसका बेटा दबा मिला।

तीनों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन शवों को लेकर घर पहुंच गए। इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची कानपुर पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराने की बात कही। शुरुआत में परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार किया, लेकिन बाद में वे इसके लिए तैयार हो गए। इसके बाद तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

डीसीपी और विधायक ने घटनास्थल का किया निरीक्षण

हादसे की सूचना मिलते ही कानपुर कमिश्नरेट के पश्चिमी जोन के डीसीपी एसएम कासिम आबिदी और गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक सुरेंद्र मैथानी मौके पर पहुंचे। दोनों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी।

डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में छत पर पानी के रिसाव के कारण उसके गिरने की बात सामने आई है। राजस्व विभाग को भी सूचना दी गई है। मामले में अन्य जरूरी कार्रवाई की जा रही है।

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