

प्रणवपत को नशे का आदी बनाकर कई महीनों तक होटल में बंधक रखने की शिकायत
करीब 100 करोड़ की राधा कुंज संपत्ति महज 6.25 करोड़ में बेचने का आरोप
ढाई करोड़ रुपये के लेनदेन में कथित हेराफेरी का मामला सामने आया
Singhania Family Mafia Threat: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश को माफिया मुक्त करने का दावा करते हैं, यूपी पुलिस भी लगातार माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए दिखती है और सैकड़ो एनकाउंटर भी किए गए हैं लेकिन इन सब पर प्रश्न चिन्ह तब लग जाता है जब देश के चर्चित कारोबारी परिवारों में से एक सिंघानिया परिवार कानपुर में असुरक्षित है।
माफिया इस परिवार पर हावी हैं और लगातार घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इस परिवार के नाम कई बड़ी उपलब्धियां है। जेके ग्रुप, रेमंड ग्रुप, और इसी परिवार ने देश में पहला ब्लैक एंड व्हाइट टीवी बनाया था।इस परिवार के हेमंतपत सिंघानिया बीसीसीआई के उपाध्यक्ष रहे थे और कई बार यूपीसीए के अध्यक्ष भी रहे।
पूर्व बीसीसीआई उपाध्यक्ष रहे हेमंतपत सिंघानिया का निधन हो चुका है। हेमंतपत सिंघानिया के दो बेटे थे अरुणपत सिंघानिया और शरदपत सिंघानिया। सबसे पहले जो घटना चर्चा में आई वह हेमंतपत के बड़े बेटे शरदपत सिंघानिया के साथ हुई सामने आई। शरदपत सिंघानिया ने कानपुर के फजलगंज थाना में एक मुकदमा पंजीकृत कराया जिसमें आरोप लगा कि कानपुर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ने अपने साथियों के साथ मिलकर शरदपत सिंघानिया के ऑफिस में घुसकर मारपीट की। इस दौरान उनका कुछ कीमती सामान चोरी कर लिया गया और कई महीनो तक उनसे एक लाख रुपए महीने की रंगदारी वसूली गई।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और घटना की जांच शुरू करते हुए प्रॉपर्टी डीलर अनूप अस्थाना और उसके बेटे सुयश अस्थाना को जेल भेज दिया। वहीं इस मामले में कानपुर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष को जमानत मिल गई। इस प्रकरण की जांच में एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया जिसने उत्तर प्रदेश सरकार के दावों को आईना दिखाने का काम किया। यह घटना हेमंतपत सिंघनिया के पोते प्रणावपत सिंघानिया के साथ हुई। फजलगंज थाने की पुलिस ने शरदपत सिंघानिया द्वारा दर्ज कराये मुकदमे की जांच के दौरान जब प्रणवपत सिंघानिया के बयान लिए तो यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
प्रणवपत सिंघानिया की हालत को देखकर पुलिस कर्मियों को कुछ शक तो हुआ लेकिन इसके बाद जब प्रणबपत सिंघानिया ने अपने साथ हुई आप बीती सुनाई तो मामला कुछ और ही निकला। प्रणवपत सिंघानिया ने पुलिस को दिए गए शिकायती प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि प्रॉपर्टी डीलर अनूप अस्थाना और उसके बेटे सुयश अस्थाना ने उसकी सैकड़ों करोड़ की जमीन हड़पने के लिए एक षड्यंत्र के तहत पहले उससे दोस्ती की फिर उसको नशे का लती बनाया गया।इस दौरान प्रणव को कई अवैध मादक पदार्थों का सेवन कराया गया और विदेशी ड्रग्स दिए गए।
विदेशी ड्रग्स लाने में सोनू पंडित नाम का एक युवक सुयश अस्थाना की मदद करता था। प्रणव ने ये भी बताया कि इस दौरान उसको कई महीनो तक कानपुर के चर्चित रीजेंटा होटल में बंधक बनाकर रखा गया और अरुण कुमार वर्मा नाम के एक युवक को कमरे के बाहर तैनात कर दिया गया जिससे प्रणव कमरे से बाहर न निकल पाए।
बंधक बनाए रखने के दौरान ही नशे की हालत में फजलगंज स्थित प्रनव की राधा कुंज संपत्ति जिसका क्षेत्रफल लगभग 4000 वर्ग गज था जिसकी वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 100 करोड रुपए है महज 6 करोड़ 25 लाख रुपए में विक्रय दिखाकर उसका पंजीकृत बैनामा अनुप अस्थाना के ऑफिस में ही कर लिया गया।
6 करोड़ 25 लाख रुपए में से सिर्फ ढाई करोड रुपए प्रणव के अकाउंट में जाना दिखाए गए लेकिन पुलिस ने जब इसकी जांच की तो वह ढाई करोड रुपए भी प्रणव के खाते में डालकर वापस अनूप अस्थाना और सुयश अस्थाना के खाते में पहुंच गए थे। प्रणव पाठ के द्वारा लिखने गए मुकदमे में पुलिस अब तक सुयश अस्थाना समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है जो इस पूरे षडयंत्र में शामिल थे।
पुलिस तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल तो भेज चुकी है लेकिन पुलिस की जांच अभी तक यही नहीं रुकी है जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे इस पूरे मामले की परते खुलती चली जा रही हैं।जिस जमीन की रजिस्ट्री प्रणव से कराई गई थी। वह रजिस्ट्री पांडू नगर की रहने वाली पूर्णिमा दीक्षित के नाम पर हुई थी। पूर्णिमा दीक्षित के भाई मेडिकल स्टोर संचालक को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
अब पूर्णिमा दीक्षित ने एक प्रॉपर्टी डीलर के विरुद्ध तहरीर देकर पुलिस से शिकायत की है कि इसमें पूर्णिमा दीक्षित का कोई रोल नहीं था प्रॉपर्टी डीलर ने ही और उसके भाई को भ्रमित कर ज्यादा मुनाफे का लालच देकर इस जाल में फसाया है। पजेशन लेने के लिए प्रॉपर्टी डीलर ने 20 लाख रुपए भी ले लिए थे वहीं पुलिस जांच तो कर रही है तीन को गिरफ्तार भी कर चुकी है।
प्रॉपर्टी डीलर की भूमिका भी संदिग्ध है लेकिन ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या जिस होटल में प्रणव को महीनो तक बंधक बनाकर रखा गया उस होटल के स्टाफ और मालिक के विरुद्ध पुलिस कोई कार्रवाई करेगी क्योंकि कानपुर के चर्चित होटल में आखिर किस तरह से एक युवक को महीनो तक बंधक बनाकर रखा गया और इसकी भनक होटल मालिक और होटल के स्टाफ को क्यों नहीं लगी।
बात एक दिन की नहीं थी बात कई महीनों की थी या फिर इसके पीछे और कारण है क्योंकि जिस अनुप अस्थाना को इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है वह शहर के एक बड़े बिल्डर के रुपयो से जमीन खरीद फरोख्त का काम करता है और जिस होटल में प्रणव को बंधक बनाकर रखा गया वह होटल भी इस बड़े बिल्डर का बताया जा रहा है।