कानपुर के जाजमऊ में साइबर पुलिस की रेड सोर्स- नवभारत लाइव
कानपुर

कानपुर में 5600 Cr के इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड का खुलासा! कॉल सेंटर की आड़ में चल रहा था खेल, दो अरेस्ट

Kanpur Jajmau Cyber Fraud Raid: कानपुर के जाजमऊ में साइबर पुलिस की रेड से 5600 करोड़ रुपये के इंटरनेशनल फ्रॉड का भंडाफोड़ हुआ है। गैंग ने कानपुर के 14 बैंकों में 72 संदिग्ध खाते खोल रखे थे।

अभिनव श्रीवास्तव, अमन मौर्या

Kanpur 5600 Crore Cyber Scam: कानपुर के जाजमऊ इलाके में साइबर टीम और एसओजी द्वारा मारी गई रेड कोई आम कार्रवाई नहीं थी। इस छापेमारी में पुलिस के हाथ एक ऐसा सुराग लगा, जिसने पूरे देश के साइबर सुरक्षा तंत्र को चौंका दिया है। एक साधारण से दिखने वाले कॉल सेंटर के पीछे 5600 करोड़ रुपये की इंटरनेशनल लेवल की साइबर ठगी का खेल चल रहा था।

पुलिस ने इस महाघोटाले को अंजाम देने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के दो मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 5 अन्य की तलाश तेज कर दी गई है।

इन्वेस्टमेंट का लालच और गेमिंग प्लेटफॉर्म का खेल

ठगों का काम करने का तरीका बेहद शातिर था। ये लोगों को इन्वेस्टमेंट पर भारी मुनाफे का लालच देकर फंसाते थे। जब लोग इनके झांसे में आकर पैसा जमा कर देते, तो यह रकम कानपुर और अन्य शहरों में खोली गई फर्जी फर्मों के खातों में मंगा ली जाती थी। पुलिस की जांच को चकमा देने के लिए ठग इस पैसे को विभिन्न गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर लगाते थे और कई खातों में गोल-गोल घुमाते थे।

जब पैसा पूरी तरह से सफेद हो जाता, तो उसे बैंक से कैश के रूप में निकालकर हवाला के जरिए देश के अलग-अलग राज्यों में भेज दिया जाता या फिर से फर्जी फर्मों में इन्वेस्ट कर दिया जाता था।

72 बैंक खाते और 86 शिकायतें

कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि इस गैंग ने कानपुर के 14 बैंकों में 72 संदिग्ध खाते खोल रखे थे। इसमें सबसे ज्यादा ठगी की रकम HDFC बैंक के खातों में आई है। दिल्ली, केरल, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान समेत देश के 18 से ज्यादा राज्यों में इन ठगों ने अपना जाल बिछा रखा था। एनसीआरबी पोर्टल पर इस गैंग के खिलाफ पूरे देश से 86 शिकायतें दर्ज पाई गई हैं। अब तक 5600 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन का भंडाफोड़ हुआ है।

65 लाख नकद और अहम डिजिटल सुराग बरामद

एडीसीपी ऑपरेशंस एसएस रामटेके के अनुसार साइबर और अपराध शाखा की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से तलाक महल बेकनगंज निवासी 24 वर्षीय शाहजेब वारिस और चमनगंज निवासी 31 वर्षीय सलमान को धर दबोचा।

इनके पास से पुलिस ने 65 लाख 26 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा 2 एंड्रॉइड फोन, चेकबुक, एटीएम कार्ड और फर्जी जीएसटी/उद्यम प्रमाणपत्र मिले हैं। इनके मोबाइल फोन से मिली व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग से कई अहम इंटरनेशनल लिंक्स का खुलासा हुआ है।

गैंग के 5 गुर्गे अभी भी फरार

गिरफ्तार आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। शाहजेब और सलमान के खिलाफ इससे पहले हैदराबाद, नोएडा और आगरा की साइबर सेल में भी मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। पूछताछ में आरोपियों ने अपने 5 अन्य साथियों के नाम उगले हैं, इनमें से इतिशाम हुसैन, शाहवेज इलाही, मो. मुजम्मिल, इखलाख हुसैन, मो. आरिफ शामिल है।

कानपुर साइबर क्राइम पुलिस ने बीएनएस और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। साथ ही, देश के अन्य राज्यों की साइबर विंग से संपर्क कर इस 5600 करोड़ के नेक्सस की पूरी जड़ें खोदने की तैयारी चल रही है।

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