भीषण जाम के चलते पुलिसकर्मी प्रांशु सचान की मौत (सोर्स: नवभारत लाइव)
कानपुर

भाजपा की पदयात्रा में जाम में फसी एंबुलेंस, जिंदगी की जंग हार गया सिपाही, आखिर जिम्मेदार कौन ?

Kanpur Police Personnel Death: भाजपा की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा के दौरान लगे भीषण जाम में फंसने से पुलिसकर्मी प्रांशु सचान की जान चली गई। एंबुलेंस करीब दो घंटे तक जाम में फंसी रही।

अभिनव श्रीवास्तव, नमिता प्रजापति

Highlights:

  • दो घंटे तक जाम में फंसी रही एंबुलेंस

  • अस्पताल पहुंचने से पहले टूटी जिंदगी की जंग

  • पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना

Kanpur BJP Foot March: उत्तर प्रदेश पुलिस के सिपाही की जाम में फंसने के कारण मौत हो गई। अंबेडकर नगर जिले में तैनात सिपाही फतेहपुर जनपद में दुर्घटना में घायल हो गया था जहां से गंभीर हालत में कानपुर के हैलेट अस्पताल रेफर किया गया था। इस दौरान जिस एंबुलेंस से सिपाही को लाया जा रहा था वह एंबुलेंस भाजपा की पदयात्रा के दौरान शहर में लगे जाम में फस गई।

इस दौरान सिपाही के पिता ने सभी के हाथ जोड़े, चौराहे पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस को निकलवाने का प्रयास भी किया लेकिन 2 घंटे फंसी रही एंबुलेंस में ही घायल सिपाही ने अंतिम सांस ली और जिंदगी की जंग हार गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।

ट्रैफिक पुलिस की तैयारी अधूरी नहीं बनाया था ग्रीन कॉरिडोर

उत्तर प्रदेश के कानपुर में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ पदयात्रा बुधवार को निकाली थी। इस पदयात्रा में शामिल होने के लिए कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जिलों से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता शहर में पहुंचे थे।

त्योहार के समय दिन के समय शहरी क्षेत्र में निकाली जाने वाली पदयात्रा को देखते हुए पुलिस ने तैयारी तो पूरी की थी लेकिन गुरुवार को पोस्टमार्टम हाउस में जब सिपाही का शव पहुंचा तो कानपुर ट्रैफिक पुलिस की तैयारी की धज्जियां उड़ गई। जिस तरह से एक रोते हुए पिता ने अपने साथ हुई आपबीती सुनाई और आपबीती सुनाते वक्त उनके चेहरे पर वह दर्द दिखाई दिया कि उनके बेटे की मौत घायल होने की वजह से नहीं बल्कि जाम में फसी एम्बुलेंस जो अस्पताल तक नहीं पहुंची और इलाज न मिल पाने के कारण उनका बेटा जिंदगी की जंग हार गया।

इस पूरे घटनाक्रम ने कानपुर ट्रैफिक पुलिस की तैयारी की धज्जियां उड़ा दी क्योंकि जिस तरह से उपमुख्यमंत्री की अगुवाई में यह पदयात्रा हुई इसकी तैयारी पिछले कई दिनों से शुरू कर दी गई थी तो फिर ट्रैफिक पुलिस की तैयारी अधूरी कैसे रह गई।

पूर्व में हुई घटनाओं से भी नहीं लिया सबक

कानपुर ट्रैफिक पुलिस जहां एक तरफ यातायात माह मना रही है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के चालान किए जा रहे हैं। उनके विरुद्ध मोटर व्हीकल अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है लेकिन कानपुर की ट्रैफिक पुलिस पूर्व में हुई घटनाओं से सबक नहीं ले रही।

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के कानपुर दौरे के दौरान भी एक एंबुलेंस जाम में फंस गई थी जिसकी वजह से एक महिला की मौत हो गई थी जिसके बाद दावे किए गए थे कि अब ऐसे किसी भी आयोजन में शहर में अगर जाम की स्थिति बनती है तो एंबुलेंस को निकलवाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा लेकिन बुधवार को भाजपा की पदयात्रा के दौरान किसी भी मुख्य चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा ग्रीन कॉरिडोर नहीं बनाया गया जिसकी वजह से एक बार फिर जाम में फसी एंबुलेंस में यूपी पुलिस के सिपाही की मौत हो गई।

आखिर कौन है जिम्मेदार ?

घाटमपुर थाना क्षेत्र के मोतीपुर गांव निवासी प्रमोद सचान किसान है। उनका बेटा प्रांशु सचान 2025 बैच का सिपाही था और वर्तमान में अंबेडकर नगर जिले की डांडा कोतवाली में तैनात था। मंगलवार को प्रांशु अंबेडकर नगर से सम्मान तामील करने के लिए निकला था सबसे पहले उसने कानपुर देहात में सम्मान तामील कराया और इसके बाद कानपुर नगर में सम्मन तामील करने के बाद रास्ते से अपने पिता को लेकर फतेहपुर के लिए निकला था।

इस दौरान फतेहपुर में डंपर ने प्रांशु को टक्कर मार दी थी जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। गंभीर अवस्था में परिजन उसे कानपुर के हैलेट अस्पताल लेकर आ रहे थे लेकिन रास्ते में ही कानपुर के मुख्य टाटमिल चौराहे पर एंबुलेंस जाम में फस गई। 2 घंटे तक जाम में फंसे रहने के बाद जब पिता प्रांशु को लेकर अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने जांच के बाद कहा सॉरी दादा आपने प्रांशु को लाने में देरी कर दी।

इतना सुनते ही प्रांशु के पिता बदहवास हो गए उनके चेहरे पर बेबसी थी कि आखिर उनका बेटा जाम में फंसे रहने के कारण समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सका और जिंदगी की जंग हार गया।अब आखिर इस पूरे घटनाक्रम के पीछे जिम्मेदार कौन है कानपुर की ट्रैफिक पुलिस जिसने ग्रीन कॉरिडोर नहीं बनाया या त्योहार के समय इतनी बड़ी संख्या में पदयात्रा निकालने वाले पार्टी के जिला अध्यक्ष क्योंकि एक पिता ने अपने होनहार बेटे को तो खो दिया लेकिन जाम में फसी एंबुलेंस की जिम्मेदारी आखिर लेगा कौन।

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