

Kanpur Dehat Cow Slaughter Case: कानपुर देहात के रनिया थाना क्षेत्र में गोवंशों के अवशेष मिलने के बाद हिंदू संगठनों ने घटना का जबरदस्त विरोध किया था। हिंदू संगठनों के विरोध के बाद पुलिस अधीक्षक ने गोकशी की घटना के खुलासे के लिए पुलिस की तीन थानों की टीम के साथ एसओजी की टीम लगाई थी। पुलिस टीम की शातिर गोकशों से मुठभेड़ हुई, जिसमें दो गोकशों के पैर में गोली लगी है वहीं तीसरे को गिरफ्तार कर लिया गया है।
गोकशी की घटना के पांच दिन बाद ही पुलिस टीम को सफलता मिल गई। 25 अगस्त को हुई घटना के खुलासे के लिए लगाई गई पुलिस टीम ने 30 अगस्त यानी घटना के 5 दिन के अंदर ही घटना का खुलासा करते हुए तीन गोकशों सलमान,फज़ल और इरफान को गिरफ्तार किया है।
गोकशो की तलाश के लिए गठित पुलिस टीमें लगातार गोकशों की तलाश में जुटी थी इस दौरान मुखबिर ने सूचना दी कि शातिर गोकश एक बार फिर से घटना को अंजाम देने के लिए कानपुर नगर के सचेंडी से रनिया की ओर आ रहे हैं इसके बाद पुलिस टीम ने बैरिकेडिंग लगाकर चेकिंग शुरू कर दी। इस दौरान एक स्कूटी पर तीन युवक आते हुए दिखाई दिए। पुलिस टीम ने रोकने का प्रयास किया तो स्कूटी पर बैठे युवकों ने पुलिस टीम पर फायर किया जवाबी कार्रवाई में दो गोकशों सलमान और फजल के पैर में गोली लग गई और स्कूटी चला रहे इरफान को गिरफ्तार कर लिया गया।इसके बाद घायल गोकशों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
क्षेत्राधिकारी अकबरपुर संजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मुखबिर की सटीक सूचना पर चेकिंग के दौरान तीन शातिर गोकश से पुलिस की मुठभेड़ हुई जिसमें दो गोकशों सलमान और फजल के पैर में गोरी लगी वही इरफान को जो स्कूटी चला रहा था गिरफ्तार कर लिया गया है। तीनों के पास से तलाशी में अवैध तमंचे, कारतूस और गोकशी के हथियार बरामद हुए हैं। घटना 25 अगस्त को हुई थी जिसका हिंदू संगठनों ने विरोध किया था पुलिस अधीक्षक ने रनिया, रूरा, अकबरपुर सहित एसओजी और सर्विलांस टीम को घटना के खुलासे के लिए लगाया था।घायल गोकशों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है अन्य आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।