Highlights
कानपुर में भाजपा प्रदेश मंत्री रमेश यादव को स्सी से बांधकर बनाया बंधक
नकाबपोश बदमाशों का भाजपा नेता के घर धावा
भाजपा प्रदेश मंत्री के घर लूट से हड़कंप
सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद से जांच में जुटी पुलिस
BJP Leader House Robbery Kanpur: कानपुर में बदमाशों ने यूपी पुलिस को खुली चुनौती देते हुए भाजपा के प्रदेश मंत्री को ही अपना निशाना बनाया और उनके घर में धावा बोलकर हाथ पैर रस्सी से बांधकर बंधक बनाकर 12 लाख रुपए लूट लिये। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के हाथ पांव फूल गए।
भाजपा के पिछड़ा वर्ग के प्रदेश मंत्री रमेश यादव को नकाबपोश बदमाशों ने अपना निशाना बनाया और सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र अंतर्गत उनके घर पर ही धावा बोल दिया और हाथ पैर रस्सी से बांधकर बंधक बनाकर 12 लाख रुपए की लूट की घटना को अंजाम दिया। इस पूरी घटना में बदमाशों ने पुलिस को खुली चुनौती दे दी है। क्योंकि जिस तरह से उत्तर प्रदेश सरकार खास तौर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यह दावा करते हैं कि बदमाश उत्तर प्रदेश छोड़ चुके हैं या उनकी पुलिस से मुठभेड़ हो चुकी है।
अपराधी अपराध करने से डर रहा है और उत्तर प्रदेश छोड़ रहा है। लेकिन ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री को ही बंधक बनाकर लूट की घटना को अंजाम देना सच को आईना दिखाने का काम कर रहा है।
भाजपा के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री रमेश यादव की गिनती शहर के प्रभावशाली नेताओं में होती है। पिछड़ा वर्ग के वोटो खासकर यादव वोट में उनकी अच्छी पैठ मानी जाती है।रमेश यादव दो बार ब्लॉक प्रमुख रहे हैं वहीं उनकी पत्नी शशि भी एक बार ब्लॉक प्रमुख रही हैं।वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में बिठूर विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी की टिकट पर रमेश यादव ने विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था और इसके बाद भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली थी।
भारतीय जनता पार्टी में पिछड़ा वर्ग के प्रदेश मंत्री मनोनीत किए जाने के बाद सोमवार शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने ही रमेश यादव ने अपना पदभार ग्रहण किया था और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर ही वह वापस लौटे थे। सोमवार देर शाम को कानपुर लौटे और देर रात उनके साथ घटना हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही कानपुर कमिश्नरेट पुलिस के हाथ पांव फूल गए। आनन फानन में अपर पुलिस आयुक्त डॉ विपिन टाडा, डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी के साथ कानपुर दक्षिण की तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और फील्ड यूनिट के साथ ही फॉरेंसिक टीम ने भी घटना की जांच शुरू कर दी है। अपर पुलिस आयुक्त का कहना है कि घटना के खुलासे के लिए डीसीपी दक्षिण के नेतृत्व में 8 पुलिस टीम लगा दी गई हैं जिसमें सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य साक्ष्य के आधार पर जांच की जा रही है।
दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा। वहीं अगर रमेश यादव के क्षेत्र के लोगों की माने तो रमेश यादव अपने साथ निजी असलहाधारी 10 पीएसओ लेकर चलते थे। ऐसे में उनके साथ घटना में किसी आपस के ही व्यक्ति का होना माना जा रहा है।