Highlights:
UGC के विवादित नियमों पर केंद्र सरकार करेगी पुनर्विचार
पंकज चौधरी बोले- हर विद्यार्थी के अधिकारों की रक्षा प्राथमिकता
केंद्र सरकार ने समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने की दी जानकारी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में युवाओं के हितों की रक्षा का भरोसा जताया
Pankaj Chaudhary Statement: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर देशभर में उठ रहे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाने का संकेत दिया है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि यूजीसी के विवादित नियमों की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। सरकार के इस रुख के बाद राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है।
इस मामले में केंद्र सरकार के रुख के बाद केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र का भविष्य है। उनके सपनों और अधिकारों की रक्षा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पंकज चौधरी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि यूजीसी नियमों को लेकर भाजपा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया है कि इन नियमों की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के किसी भी वर्ग के विद्यार्थी के साथ भेदभाव न हो। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार हर छात्र के मान-सम्मान और उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्यरत है।
गौरतलब है कि यूजीसी के नए नियमों को लेकर विभिन्न वर्गों की ओर से सवाल उठाए जा रहे थे। नियमों के प्रावधानों को लेकर असंतुलन और भेदभाव की आशंकाएं भी सामने आई थीं। इससे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय बैठक के दौरान आयोजित पत्रकार वार्ता में अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने भी यूजीसी के नए नियमों को असंतुलित बताया था।
ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से समीक्षा समिति गठित करने की जानकारी को इस विवाद के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब समिति की समीक्षा और उसकी सिफारिशों पर सभी की निगाहें रहेंगी।