पूर्व बाहुबली विधायक विजय मिश्रा, (सोर्स- सोशल मीडिया) 
उत्तर प्रदेश

46 साल बाद हुआ न्याय, पूर्व बाहुबली विधायक विजय मिश्रा को उम्रकैद की सजा; किस मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला?

Vijay Mishra: अदालत ने पूर्व बाहुबली विधायक विजय मिश्रा को उम्रकैद के साथ-साथ एक लाख रुपये की जुर्माने की सजा सुनाया है। इस मामले में शामिल तीन अन्य आरोपियों को भी दोषी माना गया है।

मनोज आर्या

Vijay Mishra sentenced to life imprisonment: उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल, बाहुबली नेता और पूर्व विधायक विजय मिश्रा को हत्या से संबंधित 46 साल पुराने केस में एमपी-एमएलए की स्पेशल कोर्ट ने सजा का ऐलान किया है। अदालत ने विजय मिश्रा समेत चारों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सभी को उम्र कैद की सजा सुनाई है।

एबीपी की रिपोर्ट के मुताबिक, आईपीसी की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और सभी को एक-एक लाख रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई गई है। वहीं, आईपीसी की धारा 307 में 10-10 साल की कैद और 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

विजय मिश्रा को उम्रकैद की सजा

अदालत ने पूर्व बाहुबली विधायक विजय मिश्रा को उम्रकैद के साथ-साथ एक लाख रुपये की जुर्माने की सजा सुनाया है। इस घटना में शामिल तीन अन्य आरोपी- जीत नारायण, बलराम मिश्रा और संतराम मिश्रा के लिए भी सजा सुनाया है। गौरतलब है कि एमपी-एमएलए कोर्ट ने तीनों अन्य आरोपियों को भी उम्रकैद और एक-एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा का ऐलान किया है। विशेष अदालत के जज योगेश कुमार तृतीय ने सुजा सुनाई है। कोर्ट ने कल चारों आरोपियों को दोषी ठहराया था।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि यह पूरा मामला 11 फरवरी, 1980 से जुड़ा हुआ है। जहां कचहरी परिसर में 35 साल के प्रकाश नारायण पांडेय को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था। प्रकाश के घरवालों ने कर्नलगंज थाने में गोली मारकर हत्या करने का केस दर्ज करवाया था। पूर्व विधायक और बाहुबली नेता विजय मिश्रा पहले से ही उत्तर प्रदेश के आगरा जेल में कैद हैं, वहीं तीनों अन्य आरोपी जमानत पर बाहर आए हुए थे। विशेष अदालत के फैसले के बाद इन आरोपियों को फिर से हिरासत में लेकर जेल भेजा गया।

कोर्ट परिसर में सुरक्षा के सख्त इंतजाम

इस मामले की सुनवाई को लेकर कोर्ट परिसर में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए थे। कड़ी सुरक्षा के बीच बाहुबली विजय मिश्रा को कोर्ट परिसर में लाया गया था। स्पेशल कोर्ट के बाहर भी भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। कोर्ट का फैसला सामने आने के बाद प्रकाश नारायण पांडेय के परिवार में खुशी है। परिवारवालों का कहना है कि लंबे समय के बाद हमें इंसाफ मिला है।

बंगाल में पूर्व जस्टिस इंद्रजीत चटर्जी ने की SIR ड्यूटी से हटने की मांग! पत्र में किया परेशानी का जिक्र

रायगढ़ के दिवेआगर बीच पर भीषण हादसा: समुद्र की तेज लहरों में डूबे पुणे के 8 छात्र, ट्रिप के दौरान मातम

अजय राय की होगी छुट्टी? आराधना मिश्रा ‘मोना’ को मिल सकती है UP कांग्रेस की कमान

स्मित मच्छार के चाचा-चाची से मिले CM फडणवीस; तारीफ़ करते हुए बोले- मुंबई के सुपुत्र और असली हीरो हैं कैप्टन

सपा नेता के बिगड़े बोल, BJP नेत्री को कहा- किसी घाट पर कपड़ा धो रही होती; देखें वीडियो