राहुल गांधी (फोटो-सोशल मीडिया) 
उत्तर प्रदेश

राहुल गांधी के खिलाफ वाराणसी में चलेगा मुकदमा, अमेरिका में सिखों पर दिया था बयान

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ वाराणसी के एमपी-एमएलए कोर्ट में मुकदमा दर्ज हुआ है। उनपर अमेरिका में सिखों के खिलाफ भड़काऊ बयान देने का आरोप है। याचिकाकर्ता एक गांव का पूर्व प्रधान है।

Saurabh Pal

वाराणसीः कांग्रेस नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मुकदमा चलेगा। वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट ने सोमवार को पूर्व ग्राम प्रधान नागेश्वर मिश्र की याचिका स्वीकार कर ली। आरोप है कि राहुल गांधी ने अमेरिका में सिखों पर भड़काऊ भाषण दिया था।

यह याचिकाकर्ता सारनाथ थाना क्षेत्र के तिलमापुर गांव के पूर्व प्रधान हैं, उन्होंने वाराणसी की जिला अदालत में याचिका दायर की थी, लेकिन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने 28 नवंबर 2024 को याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने एमपी-एमएलए कोर्ट का दरवाजा खट खटाया, जिसके बाद कोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार कर ली। मामले सुनवाई जज यजुवेंद्र विक्रम सिंह की कोर्ट करेगी।

सिख सम्प्रदाय के लोगों की भावनाएं आहत

दायर याचिका में याचिकाकर्ता नागेश्वर मिश्र ने बताया कि पिछले दिनों कांग्रेस सासंद राहुल गांधी अमेरिका दौरे पर गए थे। इस दौरान उन्होंने सिखों को लेकर भड़काऊ बयान दिया था। उनके बयान से करोड़ों सिखों की भवनाएं आहत हुई हैं। कांग्रेस नेता ने कहा था कि भारत में सिखो को पगड़ी और कड़ा पहनने का अधिकार नहीं है और न ही उन्हें गुरद्वारे जाने की अनुमति है।

खालिस्तानी आतंकी ने राहुल के बयान का किया था समर्थन

गांधी के इस बयान का खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने भी समर्थन किया था। उनके इस बयान से लगता है कि वो भारत में गृहयुद्ध भड़काना चाहते हैं। याची पूर्व प्रधान की तरफ से कोर्ट में एडवोकेट विवेक शंकर तिवारी और अलख राय ने दलीलें दीं। सरकारी वकील के तौर पर एडीजीसी विनय कुमार सिंह ने पक्ष रखा। अभियोजन की ओर से कोर्ट में मामले में अब तक की कार्यवाही पेश की।

क्या बोले थे राहुल गांधी

दरअसल राहुल गांधी 10 सितंबर 2024 को अमेरिका में आयोजित एक सेमीनार के मुख्य अतिथि थे। भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए सिख धर्म का उदाहरण देते हुए कहा था कि सिख समुदाय के बीच इस बात की चिंता है कि उन्हें पगड़ी, कड़ा पहनने की इजाजत दी जाएगी या नहीं? क्या वे गुरुद्वारे जा सकेंगे? ये चिंता सिर्फ सिखों की नहीं, बल्कि सभी धर्मों के लिए है। उन्होंने कहा था कि भाजपा यह नहीं मानती है, भाजपा को समझ नहीं आता कि यह देश सबका है।

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