घर में नमाज पढ़ते अकीदतमंद। इमेज-सोशल मीडिया 
उत्तर प्रदेश

योगी राज में हिंदू यूपी से पलायन को मजबूर! बरेली के मोहम्मदगंज गांव में घर को मदरसा बनाकर पढ़ी गई सामूहिक नमाज

Bareilly News : उत्तर प्रदेश के बरेली से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के मोहम्मदगंज गांव में घर में सामूहिक नमाज पढ़े जाने की वजह से हिंदू परिवार पलायन को मजबूर हो गए हैं।

रंजन कुमार

UP Group Namaz : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले का मोहम्मदगंज गांव इन दिनों एक गंभीर सांप्रदायिक तनाव की चपेट में है। दशकों से चली आ रही आपसी भाईचारे की मिसाल अब नमाज विवाद के चलते दरकती नजर आ रही है। मामला इतना संवेदनशील हो गया है कि प्रशासन की पाबंदी और मामला हाई कोर्ट के विचाराधीन होने के बावजूद, 14 फरवरी को एक निजी आवास में दोबारा सामूहिक नमाज पढ़ी गई, जिसने विवाद की आग में घी डालने का काम किया है।

मोहम्मदगंज की इस अनूठी परंपरा रही है कि यहां न कभी मंदिर बना और न ही मस्जिद। दोनों समुदाय दशकों पुराने एक समझौते के तहत शांति से रहते आए थे। मगर, विवाद की चिंगारी बीती 17 जनवरी को तब सुलगी, जब हसीन मियां नामक व्यक्ति के घर में कथित रूप से अवैध मदरसा संचालित करने और सामूहिक नमाज पढ़ने की शिकायत सामने आई। हिंदू पक्ष का आरोप है कि मुस्लिम समाज यहाँ 'नई परंपरा' शुरू करने की कोशिश कर रहा है, जो गाँव के पुराने समझौते का उल्लंघन है। तनाव इस कदर बढ़ा कि कुछ हिंदू परिवारों ने दबाव महसूस करते हुए घर के बाहर 'पलायन' की चेतावनी वाले संदेश लिख दिए।

क्या है मुस्लिम पक्ष का तर्क?

हालांकि, मुस्लिम पक्ष का तर्क है कि वे अपने घरों के भीतर इबादत कर रहे हैं, जो उनका संवैधानिक अधिकार है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा के नेतृत्व में गाँव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने साफ किया है कि फिलहाल पलायन जैसी कोई स्थिति नहीं है और कुछ लोग माहौल बिगाड़ने के लिए भ्रम फैला रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट आदेश दिया है कि जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आता, कोई भी नई धार्मिक गतिविधि नहीं की जाएगी।

पहले भी आ चुका है ऐसा मामला

उत्तर प्रदेश के ही कैराना में भी कुछ साल पहले पलायन का मुद्दा देशव्यापी चर्चा का विषय बना था, जहां सांप्रदायिक तनाव और असुरक्षा के चलते कई परिवारों ने घर छोड़ने की बात कही थी। इसके अलावा उत्तराखंड के पुरोला में भी पिछले साल एक विशेष समुदाय के खिलाफ विरोध के बाद पलायन की खबरें सुर्खियों में रही थीं। फिलहाल बरेली पुलिस शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। प्रशासन दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर उस विश्वास को बहाल करने की कोशिश कर रहा है, जो कभी इस गाँव की पहचान हुआ करती थी।

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