आजम खान (सोर्स - सोशल मीडिया) 
उत्तर प्रदेश

UP News: भड़काऊ भाषण केस में सपा नेता आजम खान को कोर्ट से राहत, कोर्ट ने किया बरी, साक्ष्य नहीं मिले

Hate Speech Case: सपा नेता आजम खान को 2019 के भड़काऊ भाषण मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट से बरी कर दिया गया है, क्योंकि पुलिस उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर पाई।

प्रिया सिंह

SP Leader Azam Khan Gets Relief In Hate Speech Case: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान को मंगलवार (11 नवंबर) को एक अहम कानूनी जीत मिली है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार से जुड़े भड़काऊ भाषण (Hate Speech) मामले में MP-MLA कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सबूतों के अभाव को देखते हुए आजम खान को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया है। इस फैसले से आजम खान और उनके समर्थकों में बड़ी राहत और खुशी का माहौल है।

2019 का मामला और कोर्ट का फैसला

यह मामला साल 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान का है। 23 अप्रैल 2019 को, चुनावी सभा को संबोधित करते हुए आजम खान पर यह आरोप लगा था कि उन्होंने चुनाव आयोग पर टिप्पणी की और मतदाताओं को उकसाने की कोशिश की। इस घटना के बाद, 24 अप्रैल 2019 को तत्कालीन एसडीएम की शिकायत पर सिविल लाइंस कोतवाली में आजम खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। लंबी सुनवाई के बाद आज कोर्ट ने इस मामले में अपना अंतिम फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं, जिसके बाद आजम खान को आरोपों से बरी कर दिया गया। कोर्ट का यह फैसला उनके लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है। कोर्ट ने अपने आदेश में यह स्पष्ट किया कि पुलिस पक्ष द्वारा आजम खान के खिलाफ भड़काऊ भाषण के पर्याप्त सबूत पेश नहीं किए जा सके।

जांच अधिकारी पर कार्रवाई का आदेश

कोर्ट ने इस मामले में साक्ष्य पेश न कर पाने पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। सुनवाई के दौरान जब यह पाया गया कि जांच अधिकारी सबूत पेश करने में नाकाम रहे, तो कोर्ट ने उनके खिलाफ कार्रवाई का आदेश भी दिया है। यह दिखाता है कि कोर्ट ने इस पूरे मामले की जांच प्रक्रिया को लेकर गंभीरता जताई है।

आजम खान की प्रतिक्रिया

कोर्ट से बाहर आने के बाद आजम खान ने अपने चिरपरिचित अंदाज़ में मीडिया से बात की। उन्होंने कोर्ट के फैसले पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा, "बहुत कम ऐसा हुआ है कि बेगुनाह ही बेगुनाह साबित हुआ है।" उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि सच को छुपाने की पूरी कोशिश की गई थी।

आजम खान ने इस जीत को 'साजिश और मंसूबे बाजी' के खिलाफ इंसाफ करार दिया। उनका कहना था कि उन्हें और उनके पूरे परिवार को अपराधी बनाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि तमाम इलेक्ट्रॉनिक सबूत, वीडियो और ऑडियो देने के बावजूद उन्हें पहले नहीं माना गया था।

CM विजय का मास्टरस्ट्रोक, स्वास्थ्य बीमा कवर 5 गुना बढ़ा, 7 नए मेडिकल कॉलेज और विधायकों को गाड़ियां

तमिलनाडु सरकार का यू-टर्न, छात्रों को राजनीतिक प्रदर्शनों से रोकने वाला आदेश लिया वापस

Explainer: भारत में वोटर ID से डाले जाते हैं वोट, जानिए अमेरिका से जापान तक में कैसे होती है वोटर्स की पहचान?

आज की ताजा खबर 19 अगस्त LIVE: पटना में छात्रों पर चलाई गई वॉटर कैनन; कोलकाता अग्निकांड में SIT करेंगी जांच

1 बिल्डिंग, 3 मंजिल और 10 होटल, कोलकाता अग्निकांड में बड़ा खुलासा, अग्निमित्रा पॉल बोली- लाइसेंस की जांच होगी