अयोध्या दीपोत्सव  (सोर्स :सोशल मीडिया)
अयोध्या

दसवें दीपोत्सव में रामनगरी के 500 वर्षों का इतिहास होगा जीवंत,मंदिर निर्माण से कायाकल्प तक की झलक

Ayodhya Tenth Deepotsav Glimpse: 1500 ईस्वी से लेकर आधुनिक अयोध्या तक की यात्रा को प्रस्तुत करने की तैयारी है। मंदिर आंदोलन के विभिन्न चरणों को भी स्थान दिया जाएगा। विरासत की कहानी भी दिखेगी।

राजेश कुमार मिश्र, शक्ति सौरभ

Highlights:

  • रामकथा पार्क में दिखेगा मंदिर आंदोलन के पुरोधाओं का योगदान

  • संस्कृति विभाग की प्रदर्शनी में सजेगी विरासत और विकास की गाथा

  • 1500 ईस्वी से लेकर आधुनिक अयोध्या तक की झलक

Tenth Deepotsav 500 years history Ram Nagari : दसवें दीपोत्सव-2026 में इस बार रामनगरी के इतिहास, श्रीराम मंदिर आंदोलन और अयोध्या के विकास की यात्रा को विशेष प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। संस्कृति विभाग की ओर से रामकथा पार्क में लगाई जाने वाली इस प्रदर्शनी में वर्ष 1500 ईस्वी से लेकर वर्तमान समय तक के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को दर्शाया जाएगा।

प्रदर्शनी के जरिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अयोध्या के ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक बदलावों की विस्तृत जानकारी मिलेगी।

दिखेगा मंदिर आंदोलन के पुरोधाओं का योगदान

प्रदर्शनी में श्रीराम मंदिर आंदोलन के प्रमुख पुरोधाओं के योगदान को अभिनय आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत रूप में दिखाया जाएगा। इसके साथ ही मंदिर आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण पड़ावों, मंदिर निर्माण की प्रक्रिया और वर्तमान भव्य स्वरूप तक की यात्रा को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

मंदिर परिसर के विकास के साथ अयोध्या में हुए आधारभूत ढांचे के विस्तार, सड़कों, सुविधाओं और शहर के बदलते स्वरूप की कहानी भी इसमें शामिल रहेगी।

इतिहास के महत्वपूर्ण पड़ावों पर रहेगा फोकस

प्रदर्शनी में वर्ष 1500 ईस्वी से लेकर आधुनिक अयोध्या तक की यात्रा को प्रस्तुत करने की तैयारी है। इसमें रामनगरी के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व से जुड़े प्रसंगों के साथ श्रीराम मंदिर आंदोलन के विभिन्न चरणों को भी स्थान दिया जाएगा।

राम मंदिर आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुरोधाओं के योगदान को अभिनय के माध्यम से दर्शकों के सामने रखा जाएगा, जिससे लोग उस दौर की घटनाओं और उनसे जुड़े व्यक्तित्वों को करीब से समझ सकें।

मंदिर निर्माण से शहर के कायाकल्प तक की झलक

श्रीराम मंदिर के निर्माण और परिसर के विकास को प्रदर्शनी का प्रमुख हिस्सा बनाया जाएगा। इसके साथ ही अयोध्या में पर्यटन, आवागमन, जनसुविधाओं और शहरी आधारभूत ढांचे के विस्तार की तस्वीर भी दिखाई जाएगी।

इस तरह प्रदर्शनी में एक ओर रामनगरी की ऐतिहासिक विरासत होगी तो दूसरी ओर वर्तमान समय में हो रहे विकास कार्यों की झलक देखने को मिलेगी। इसका उद्देश्य लोगों को यह बताना है कि अयोध्या ने अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखते हुए विकास की नई दिशा में किस तरह कदम बढ़ाए हैं

नई पीढ़ी को विरासत से जोड़ने की पहल

रामकथा पार्क में आयोजित होने वाली यह प्रदर्शनी दीपोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का महत्वपूर्ण आकर्षण होगी। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और युवाओं को इसके माध्यम से अयोध्या के इतिहास तथा मंदिर आंदोलन से जुड़े घटनाक्रमों को जानने का अवसर मिलेगा। अभिनय आधारित प्रस्तुतियां प्रदर्शनी को और अधिक प्रभावी बनाएंगी।

संस्कृति विभाग की ओर से रामकथा पार्क में लगाई जाने वाली प्रदर्शनी में 1500 ईस्वी से लेकर वर्तमान समय तक के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को शामिल किया जाएगा।मंदिर निर्माण से लेकर परिसर के विकास और अयोध्या के बदलते स्वरूप तक की पूरी गाथा को एक ही स्थान पर दिखाने का प्रयास होगा।

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