Aligarh Traders Protest Against UPI Charge: डिजिटल भुगतान और UPI लेन-देन पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने के विरोध में अलीगढ़ के व्यापारियों का आक्रोश फुट पड़ा है। व्यापारियों ने बाजार में अपनी दुकानों पर पोस्टर और बैनर लगाकर ग्राहकों को इस फैसले के विरोध की जानकारी दी। व्यापारियों ने ऐलान किया है कि यदि प्रस्तावित शुल्क को वापस नहीं लिया गया तो 15 अक्टूबर से ऑनलाइन लेन-देन बंद कर दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के इस्तीफे की भी मांग उठाई।
व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने स्वयं UPI जैसी सुविधाओं को प्रोत्साहित किया। व्यापारियों और ग्राहकों ने भी इसे तेजी से अपनाया, लेकिन अब इसी व्यवस्था पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने की बात सामने आने से छोटे और मध्यम व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।
उद्योग व्यापार संगठन के मंडल अध्यक्ष अनुराग गुप्ता ने कहा कि व्यापारियों पर लगातार बढ़ता आर्थिक दबाव चिंता का विषय है। उनका कहना है कि व्यापारियों की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि बाजार में मांग और मुनाफे की स्थिति पहले जैसी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई और बढ़ती लागत के बीच व्यापारियों के सामने नई आर्थिक देनदारी खड़ी की जा रही है।
अनुराग गुप्ता के मुताबिक, पहले सरकार ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया और व्यापारियों तथा आम लोगों को UPI के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया। अब यदि इसी लेन-देन पर शुल्क का भार व्यापारियों पर डाला जाता है तो इसका सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों का मुनाफा सीमित है, जबकि लागत कई गुना बढ़ चुकी है।
उन्होंने कहा कि बाजार में व्यापारियों से बातचीत की गई और इस मुद्दे पर उनकी राय जानी गई। व्यापारियों ने अतिरिक्त शुल्क के विरोध में अपनी सहमति जताते हुए 15 अक्टूबर से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन नहीं करने का निर्णय लिया है। बाजार में पोस्टर और बैनर लगाकर ग्राहकों को भी इस निर्णय की जानकारी दी जा रही है। व्यापारियों ने संभावित असुविधा के लिए ग्राहकों से खेद भी जताया है।
दुकान पर विरोध का पोस्टर लगाने वाले व्यापारी योगेश कुमार ने कहा कि सरकार ने पहले डिजिटल भुगतान की सुविधा को बढ़ावा दिया और अब इसी व्यवस्था पर शुल्क लगाने की बात सामने आ रही है। उन्होंने इसे व्यापारियों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया।
योगेश कुमार का कहना है कि बाजार पहले से ही मंदी के दौर से गुजर रहा है। ग्राहकों की संख्या कम हुई है और ऑनलाइन कारोबार के बढ़ने से पारंपरिक दुकानदारों के सामने पहले से चुनौतियां हैं। ऐसे में UPI लेन-देन पर अतिरिक्त शुल्क का भार व्यापारियों पर डालने से उनकी मुश्किलें और बढ़ेंगी।
व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि UPI से जुड़े प्रस्तावित शुल्क को वापस लिया जाए। उनका कहना है कि यदि उनकी मांग पर विचार नहीं किया गया तो 15 अक्टूबर से ऑनलाइन भुगतान स्वीकार नहीं करने के फैसले को लागू किया जाएगा।
अलीगढ़ के बाजारों में लगाए गए पोस्टरों के जरिए व्यापारी अब इस मुद्दे को ग्राहकों तक पहुंचा रहे हैं। व्यापारियों का यह विरोध आने वाले दिनों में किस रूप में आगे बढ़ता है, इस पर बाजार और सरकार दोनों की नजर रहेगी।