Yamuna River Pollution Near Taj Mahal: दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताजमहल हर साल लाखों देशी-विदेशी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। आगरा की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा ताजमहल और अन्य ऐतिहासिक स्मारकों पर निर्भर है। ऐसे में हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो पर्यटन उद्योग के लिए चिंता का विषय बनते जा रहे हैं।
इन दिनों एक विदेशी इन्फ्लुएंसर का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ताजमहल के पीछे बहने वाली यमुना नदी के किनारे फैली गंदगी और नालों का पानी दिखाया गया है। वीडियो में इन्फ्लुएंसर दुर्गंध से बचने के लिए नाक ढकते हुए भी दिखाई दे रही है। यह वीडियो भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी तेजी से साझा किया जा रहा है।
इस मामले पर नव भारत ने आगरा के पर्यटन उद्यमियों से बातचीत की। उनका कहना है कि इस प्रकार के वीडियो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगरा और भारत की छवि को प्रभावित करते हैं। उनका मानना है कि विदेशी पर्यटक यात्रा की योजना बनाने से पहले सोशल मीडिया पर उपलब्ध सामग्री देखते हैं। ऐसे में यदि केवल गंदगी और अव्यवस्था की तस्वीरें वायरल होंगी, तो इसका असर पर्यटन और उससे जुड़े लाखों लोगों की आजीविका पर पड़ सकता है।
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कुछ उद्यमियों ने यह आशंका भी जताई कि इस तरह के वीडियो से भारत की पर्यटन छवि को नुकसान पहुंच सकता है, हालांकि इस संबंध में किसी संगठित साजिश के प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। पर्यटन कारोबारियों ने कहा कि समाधान केवल आलोचना नहीं, बल्कि स्वच्छता है।
उन्होंने सरकार के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों से भी यमुना को स्वच्छ रखने की अपील की। उनका कहना है कि यदि नदी में गंदगी और नालों का प्रवाह रोका जाए तथा जनसहभागिता से सफाई अभियान चलाया जाए, तो ऐसी नकारात्मक तस्वीरें स्वतः समाप्त हो जाएंगी। उनका मानना है कि स्वच्छ यमुना न केवल ताजमहल की खूबसूरती बढ़ाएगी, बल्कि आगरा की वैश्विक पहचान और पर्यटन उद्योग को भी मजबूती देगी।