Vaishya Samaj Political Representation UP: भारतीय वैश्य महासभा ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी राजनीतिक रणनीति तेज कर दी है। महासभा ने वैश्य बाहुल्य विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक दलों से वैश्य समाज के योग्य प्रत्याशियों को टिकट देने की मांग करने का निर्णय लिया है।
यदि प्रमुख राजनीतिक दलों ने इस मांग पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया तो महासभा उत्तर प्रदेश में कम से कम 100 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की तैयारी करेगी।
यह रणनीति लोहामंडी स्थित श्री अग्रसेन भवन में आयोजित भारतीय वैश्य महासभा के मंडलीय सम्मेलन में सामने आई। सम्मेलन में आगामी विधानसभा चुनाव के साथ-साथ संगठन के विस्तार और समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर मंथन हुआ। इस दौरान कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को स्मृति चिह्न और पटका पहनाकर सम्मानित किया गया, जबकि 31 नए सदस्यों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि देश और समाज पर जब भी विपरीत परिस्थितियां आईं, वैश्य समाज ने आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारी निभाई है। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आपातकाल और कोरोना काल तक समाज की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि संगठन वैश्य समाज के राजनीतिक शून्य को समाप्त करने और समाज को एकजुट करने के लिए काम कर रहा है। राष्ट्रीय प्रधान महासचिव डॉ. संजीव वार्ष्णेय ने बताया कि नौ वर्षों में 51 जिलों में संगठन का गठन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जल्द ही लखनऊ में भव्य कार्यक्रम आयोजित कर सभी राजनीतिक दलों को वैश्य बाहुल्य सीटों पर समाज के लोगों को टिकट देने का संदेश दिया जाएगा।
मंडल अध्यक्ष प्रवीण कुमार अग्रवाल ने कहा कि संगठन का लक्ष्य अधिक से अधिक वैश्यों को जोड़कर उन्हें राजनीतिक भागीदारी दिलाना है। सम्मेलन में राष्ट्रीय सचिव महेंद्र खंडेलवाल, संजीव गोयल, पंकज गुप्ता, राजीव गुप्ता, सुनील अग्रवाल, विजय सिंघल, डॉ. अशोक अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।