Highlights
आगरा के पिनाहट से ओलंपिक तक पहुंचने का सफर चर्चा में
जन्मतिथि और स्कूल रिकॉर्ड को लेकर दर्ज है धोखाधड़ी का मुकदमा
चेन्नई में आयकर निरीक्षक के पद पर तैनाती की जानकारी
आठ मीटर से ज्यादा की छलांग ने दिलाई अंतरराष्ट्रीय पहचान
Ankit Sharma Age Fraud Allegations: आगरा की पगडंडियों से अपने खेल का सफर शुरू करने वाले अंकित शर्मा ने लंबी छलांग लगाते हुए ओलंपिक तक का सफर तय किया। खेल जगत के अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत का प्रतिनिधित्व किया, दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया और अपनी उपलब्धियों से पिनाहट से लेकर आगरा तक का नाम रोशन किया। लेकिन आज यही आगरा का लाल अपनी खेल उपलब्धियों के लिए नहीं, बल्कि जन्मतिथि से जुड़े गंभीर आरोपों के कारण सुर्खियों में है।
आरोप है कि अंकित शर्मा ने कथित तौर पर जन्म प्रमाणपत्र और शैक्षिक दस्तावेजों में हेरफेर कर अपनी उम्र करीब पांच साल कम दर्शाई।
शिकायतकर्ता का दावा है कि इस कथित गड़बड़ी के जरिए उन्होंने कम उम्र के खिलाड़ियों के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया, पदक हासिल किए और बाद में खेल कोटे से सरकारी नौकरी भी प्राप्त की। मामला अब इतना गंभीर हो गया है कि मध्य प्रदेश की मुरैना पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
खेल के मैदान पर लंबी छलांग लगाकर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने वाले आगरा के पिनाहट निवासी एथलीट अंकित शर्मा एक बार फिर चर्चा में हैं। वर्ष 2016 में रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले अंकित अब अपनी खेल उपलब्धियों के बजाय जन्मतिथि और शैक्षिक दस्तावेजों से जुड़े विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं।
मध्य प्रदेश के मुरैना में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जन्म प्रमाणपत्र और स्कूल के दस्तावेजों के जरिए उम्र कम दर्शाकर उन्होंने खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और खेल कोटे से सरकारी नौकरी हासिल की। हालांकि, ये आरोप हैं और मामले में अंतिम दोषसिद्धि होना अभी बाकी है।
अंकित शर्मा की कहानी आगरा जिले के पिनाहट क्षेत्र से शुरू होती है। लंबी कूद के इस खिलाड़ी ने अपनी मेहनत और प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय स्तर से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक जगह बनाई। वर्ष 2015 में केरल के तिरुवनंतपुरम में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में उन्होंने 8.04 मीटर की छलांग लगाकर अपनी क्षमता का परिचय दिया। वह आठ मीटर से अधिक दूरी तय करने वाले चुनिंदा भारतीय लंबी कूद खिलाड़ियों में शामिल हुए।
फरवरी 2016 में दक्षिण एशियाई खेलों में अंकित ने 7.89 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने प्रतियोगिता का 27 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ा। इसके बाद जून 2016 में कजाखस्तान के अलमाटी में आयोजित जी. कोसानोव मेमोरियल मीट में उन्होंने 8.17 मीटर की छलांग लगाई। इसी प्रदर्शन के आधार पर उन्होंने रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। उस समय पुरुषों की लंबी कूद में ओलंपिक का क्वालीफाइंग मानक 8.15 मीटर था।
अंकित शर्मा के करियर का सबसे बड़ा पड़ाव वर्ष 2016 में आया, जब उन्होंने ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में आयोजित ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। ओलंपिक तक पहुंचना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। आगरा के पिनाहट क्षेत्र से निकलकर इस अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने के कारण वह स्थानीय स्तर पर भी चर्चा में आए।
ओलंपिक में पहुंचने से पहले अंकित ने राष्ट्रीय खेलों और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार प्रदर्शन किया था। 2016 में कजाखस्तान में उनकी 8.17 मीटर की छलांग ने उस समय का राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ा था। हालांकि, अंकित ने रियो में भारत का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन वह ओलंपिक पदक नहीं निकाल सके। उनकी प्रमुख उपलब्धियों में दक्षिण एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक और लंबी कूद में दर्ज शानदार प्रदर्शन शामिल हैं।
अंकित शर्मा के खिलाफ दर्ज मामले में उनकी जन्मतिथि और अलग-अलग स्कूलों के शैक्षिक रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठाए गए हैं। बता दें कि ग्वालियर निवासी उनके ससुर डॉ.आनंद तिवारी ने करीब दो महीने पहले मुरैना के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि अंकित ने मुरैना के शासकीय ज्योति विद्यालय में दाखिले के लिए कथित तौर पर ऐसे जन्म प्रमाणपत्र का इस्तेमाल किया, जिसमें उनकी जन्मतिथि 20 जुलाई 1992 दर्ज थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उनकी वास्तविक जन्मतिथि एक अगस्त 1987 है। इस तरह दोनों तारीखों के बीच लगभग पांच वर्ष का अंतर बताया गया है।
बता दें कि अंकित ने आगरा जिले के पिनाहट क्षेत्र के स्कूलों में पढ़ाई की थी। आरोप है कि पुराने शैक्षिक रिकॉर्ड और मुरैना के स्कूल में दाखिले से जुड़े दस्तावेजों में अंतर होने के बावजूद नई जन्मतिथि के आधार पर प्रमाणपत्र तैयार हुए। शिकायतकर्ता ने इसी कथित अंतर को उम्र संबंधी धोखाधड़ी का आधार बनाया है। इन दस्तावेजों की वैधता, उनकी वास्तविकता और कथित फर्जीवाड़े में संबंधित लोगों की भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आ पाएगा।
मामले में आरोप केवल जन्म प्रमाणपत्र तक सीमित नहीं हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि उम्र कम दर्शाने के कारण अंकित को कम आयु वर्ग के खिलाड़ियों के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर मिला। आरोप यह भी है कि इन प्रतियोगिताओं में हासिल किए गए पदकों और खेल उपलब्धियों के आधार पर उन्होंने आयकर विभाग में खेल कोटे से नौकरी प्राप्त की।
बता दें कि अंकित शर्मा चेन्नई में आयकर निरीक्षक के पद पर तैनात हैं। उनकी सरकारी नौकरी और खेल उपलब्धियों के बीच संबंध को लेकर उठाए गए सवाल भी जांच के दायरे में हैं। हालांकि, उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि उनकी सभी खेल उपलब्धियां या नौकरी अवैध साबित हो चुकी हैं। इस संबंध में संबंधित विभागों के रिकॉर्ड और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
मामले में पुलिस की कार्रवाई अब गिरफ्तारी की तलाश तक पहुंच गई है। मुरैना के पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना ने अंकित शर्मा की गिरफ्तारी के लिए पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। मध्य प्रदेश की मुरैना पुलिस को अंकित की तलाश है और वह अभी तक मुरैना पुलिस की पहुंच से दूर हैं।
इनाम की घोषणा के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है। अब जांच के महत्वपूर्ण बिंदुओं में जन्मतिथि से जुड़े मूल दस्तावेजों का सत्यापन, अलग-अलग स्कूलों के रिकॉर्ड का मिलान और नौकरी के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच शामिल हैं। यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित रूप से विवादित प्रमाणपत्र किस प्रक्रिया से तैयार हुआ और उसका इस्तेमाल किन-किन जगहों पर किया गया।
इस मामले में अंकित शर्मा के परिवार की ओर से भी सवाल उठाए गए हैं। उनके भाई नीरज शर्मा ने पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद वारंट जारी होने की प्रक्रिया को लेकर सवाल हैं और उससे पहले इनाम घोषित किए जाने पर उन्हें आपत्ति है। उन्होंने आरोपों को गलत बताते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
अंकित शर्मा का खेल करियर एक ऐसे खिलाड़ी की कहानी है, जिसने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से आगे बढ़कर दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता और रियो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व किया। लेकिन अब जन्मतिथि और शैक्षिक रिकॉर्ड से जुड़े आरोपों ने उनके करियर तथा सरकारी नौकरी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल मुरैना पुलिस की ओर से पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किए जाने की खबर सामने आई है। जांच में दस्तावेजों की वास्तविकता और उनकी भूमिका स्पष्ट होने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं।