ओलंपियन अंकित शर्मा पर FIR; 5 साल उम्र घटाकर फर्जी दस्तावेजों से सरकारी नौकरी पाने का आरोप

Ankit Sharma FIR: ओलंपियन अंकित शर्मा पर 5 साल उम्र घटाकर सरकारी नौकरी हासिल करने का आरोप, मुरैना के कोतवाली थाने में धोखाधड़ी और कूटरचना की एफआईआर दर्ज।
FIR registered against Olympian Ankit Sharma over fake documents
ओलंपियन अंकित शर्मा(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Ankit Sharma Fake Age Certificate Case: मध्य प्रदेश के मुरैना में उम्र और शैक्षणिक दस्तावेजों में कथित हेरफेर का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि आगरा के पिनाहट निवासी और ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके अंकित शर्मा ने अपनी वास्तविक उम्र से करीब पांच साल कम दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।

मामले में मुरैना के कोतवाली थाने में धोखाधड़ी और कूटरचना से जुड़ी धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। अंकित शर्मा वर्तमान में चेन्नई में आयकर निरीक्षक के पद पर कार्यरत बताए जा रहे हैं।

पिनाहट के स्कूल रिकॉर्ड में 1987 की जन्मतिथि

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार अंकित शर्मा का जन्म 1 अगस्त 1987 को हुआ था। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा पिनाहट के विप्रावली प्राथमिक विद्यालय से प्राप्त की और वर्ष 1995 में पांचवीं कक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने गुलजारीलाल चुन्नीलाल जैन हाई स्कूल से छठवीं से आठवीं तथा सर्वोदय विद्या मंदिर पिनाहट से नौवीं से बारहवीं तक की पढ़ाई की। शिकायत में दावा किया गया है कि इन सभी शैक्षणिक अभिलेखों में उनकी जन्मतिथि 1 अगस्त 1987 दर्ज है। पुलिस ने एफआईआर में इन दस्तावेजों के सत्यापन का भी उल्लेख किया है।

मुरैना के स्कूल में कथित फर्जी दस्तावेजों से प्रवेश

आरोप है कि 29 जुलाई 2002 को अंकित शर्मा ने मुरैना के शासकीय ज्योति विद्यालय में आठवीं कक्षा में प्रवेश लिया। उस समय उनकी वास्तविक उम्र लगभग 16 वर्ष थी, लेकिन कथित तौर पर एक जन्म प्रमाण पत्र में जन्मतिथि 20 जुलाई 1992 दर्शाकर उम्र 11 वर्ष दिखाई गई। शिकायत के अनुसार इसी आधार पर स्कूल में प्रवेश लिया गया। पुलिस का कहना है कि प्रवेश के लिए पिनाहट के स्कूलों की कथित फर्जी टीसी और अंकसूची भी प्रस्तुत की गई थी।

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भोपाल में आगे की पढ़ाई और नौकरी तक पहुंचे दस्तावेज

एफआईआर के अनुसार आठवीं की पढ़ाई के बाद अंकित शर्मा ने भोपाल के इंद्रपुरी स्थित हीरोज कान्वेंट हाईस्कूल में नौवीं से बारहवीं तक अध्ययन किया। आरोप है कि यहां भी मुरैना जिले के स्कूल से प्राप्त अंकसूची और कथित फर्जी जन्म प्रमाण पत्र का उपयोग किया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि बाद में इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उच्च शिक्षा प्राप्त की गई और सरकारी नौकरी हासिल की गई।

ससुर की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला

इस पूरे मामले की शिकायत ग्वालियर निवासी डॉ. आर.के. तिवारी ने की, जो अंकित शर्मा के ससुर बताए जा रहे हैं। शिकायत और प्रारंभिक जांच के बाद मुरैना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि कथित फर्जी दस्तावेज कैसे तैयार हुए, किन संस्थानों में उनका उपयोग किया गया और क्या किसी अन्य व्यक्ति की भी इसमें भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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