भांडई-कीथम बाईपास रेल लाइन परियोजना  (सोर्स- नवभारत लाइव)
आगरा

भांडई-कीथम बाईपास से आगरा में रेल परिचालन को मिलेगी नई रफ्तार, नानपुर में बनेगा नया क्रॉसिंग स्टेशन

Agra Railway Line: आगरा मंडल में भांडई-कीथम बाईपास रेल लाइन परियोजना का करीब 82 फीसदी सिविल कार्य पूरा हो चुका है। रेल परिचालन क्षमता बढ़ने और मौजूदा मार्ग पर ट्रेनों का दबाव कम होने की उम्मीद है।

प्रदीप कुमार रावत, स्निग्धा श्रीवास्तव

Bhandai Kitham Bypass Railway Line: आगरा मंडल में रेल अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में भांडई-कीथम बाईपास लाइन परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। मथुरा-झांसी तृतीय लाइन परियोजना के तहत करीब 26.5 किलोमीटर लंबी बाईपास रेल लाइन का लगभग 82 फीसदी सिविल कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना के पूरा होने के बाद आगरा क्षेत्र में ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ने के साथ मौजूदा रेल मार्ग पर परिचालन का दबाव कम होने की उम्मीद है।

उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह और आगरा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक गगन गोयल के मार्गदर्शन में चल रहे इस कार्य में अब तक करीब 38.65 लाख घन मीटर अर्थवर्क पूरा किया जा चुका है। परियोजना में 57 माइनर ब्रिज प्रस्तावित थे, जिनमें से 53 का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं 18 मेजर ब्रिज के सभी सब-स्ट्रक्चर तैयार हो चुके हैं और 13 मेजर ब्रिज के सुपर-स्ट्रक्चर भी पूरे कर लिए गए हैं। पांच OWG गर्डर की फैब्रिकेशन भी पूरी हो चुकी है।

ग्रामीणों की मांग पर बढ़ी पुलों की संख्या

परियोजना के दौरान स्थानीय जरूरतों और ग्रामीणों की मांग को देखते हुए पुलों की संख्या में भी बड़ा बदलाव किया गया। प्रारंभिक योजना में जहां 37 पुल प्रस्तावित थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़ाकर 75 कर दी गई है। इसका उद्देश्य रेल लाइन के कारण स्थानीय आवागमन प्रभावित न हो और जरूरत वाले स्थानों पर बेहतर कनेक्टिविटी बनी रहे।

नानपुर में बनेगा क्रॉसिंग स्टेशन

भांडई और कीथम के बीच नानपुर में नया क्रॉसिंग स्टेशन बनाया जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद इस रेलखंड पर ट्रेनों की क्रॉसिंग और परिचालन प्रबंधन को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। अतिरिक्त रेल मार्ग उपलब्ध होने से यात्री और मालगाड़ियों के संचालन को अधिक व्यवस्थित करने में भी सुविधा होगी।

161 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण

बाईपास लाइन के निर्माण के लिए करीब 161 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। भूमि अधिग्रहण के एवज में अब तक 540.20 करोड़ रुपये की धनराशि दी जा चुकी है।

5,094 पेड़ों के बदले लगाए गए 50,940 पौधे

परियोजना के एलाइनमेंट में 5,094 पेड़ प्रभावित हुए हैं। पर्यावरणीय शर्तों के तहत प्रत्येक प्रभावित पेड़ के बदले दस पौधे लगाने के प्रावधान के अनुसार वन विभाग, आगरा के सहयोग से 50,940 पौधे लगाए गए हैं। इन पौधों के रखरखाव की भी व्यवस्था की गई है।

31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य

परियोजना की निर्धारित पूर्णता तिथि 31 दिसंबर 2026 है। बाईपास लाइन के पूरा होने के बाद मथुरा-झांसी तृतीय रेल लाइन की परिचालन क्षमता में इजाफा होगा। इससे आगरा क्षेत्र के मौजूदा रेल नेटवर्क पर ट्रेनों का दबाव कम करने और यातायात को अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

विशेष रूप से दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर यात्री और माल यातायात को व्यवस्थित करने में भी यह बाईपास महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। नानपुर क्रॉसिंग स्टेशन के साथ अतिरिक्त रेल मार्ग उपलब्ध होने से ट्रेनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से प्रबंधित किया जा सकेगा।

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