नदी कार्यकर्ताओं का अनोखा विरोध प्रदर्शन (सोर्स: सोशल मीडिया)
आगरा

‘आगरा को क्या मिला? झुनझुना, झुनझुना!’ यमुना की बदहाली पर रिवर एक्टिविस्ट्स का अनोखा प्रदर्शन

Yamuna River Activists Unique Protest: आगरा में यमुना की बदहाली और नदी के पुनर्जीवन की मांग को लेकर रिवर कनेक्ट कैंपेन के सदस्यों ने यमुना आरती स्थल पर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।

नमिता प्रजापति

Highlights:

  • यमुना की बदहाली पर झुनझुना बजाकर जनप्रतिनिधियों को जगाया

  • रिवर एक्टिविस्ट्स का अनोखा विरोध

  • नदी में अविरल जल प्रवाह और बैराज निर्माण की मांग उठाई

Yamuna River Dire State: दिवाली की तैयारियों के बीच आगरा में यमुना की बदहाली को लेकर रिवर एक्टिविस्ट्स ने अनोखे अंदाज में अपना विरोध दर्ज कराया। बाजारों में त्योहार की रौनक है, लेकिन यमुना के पुनर्जीवन की वर्षों पुरानी मांग अब भी सरकारी फाइलों और घोषणाओं तक सीमित है। इसी कथित उदासीनता के खिलाफ रिवर कनेक्ट कैंपेन के सदस्यों ने यमुना आरती स्थल पर ‘झुनझुना दिवस’ मनाकर जनप्रतिनिधियों को उनकी जिम्मेदारियां याद दिलाईं।

कार्यक्रम के दौरान सदस्यों ने झुनझुने बजाकर प्रतीकात्मक विरोध किया और ‘आगरा को क्या मिला? झुनझुना, झुनझुना!’ के नारे लगाए। आयोजकों का कहना था कि यमुना के संरक्षण को लेकर लगातार आवाज उठाने के बावजूद ठोस परिणाम सामने नहीं आए हैं। ऐसे में झुनझुना बजाकर जनप्रतिनिधियों को जगाने का प्रयास किया गया है।

नदी कार्यकर्ताओं का अनोखा विरोध प्रदर्शन

यमुना के पुनर्जीवन के लिए उठाईं पांच प्रमुख मांगें

रिवर कनेक्ट कैंपेन के संयोजक बृज खंडेलवाल ने कहा कि संगठन वर्षों से यमुना के पुनर्जीवन की मांग कर रहा है। उन्होंने नदी की बदहाली दूर करने के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं।

इनमें यमुना में सालभर ताजे पानी का अविरल प्रवाह सुनिश्चित करना, ताजमहल के डाउनस्ट्रीम में बैराज का निर्माण, नदी की तलहटी से गाद और गंदगी हटाकर सफाई कराना, यमुना नदी बेसिन की सहायक नदियों का संरक्षण तथा साबरमती नदी मॉडल की तर्ज पर आगरा में रिवरफ्रंट का विकास शामिल है।

उन्होंने कहा कि यमुना को लेकर अनेक घोषणाएं और वायदे किए गए, लेकिन धरातल पर अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। सरकारी विभागों और राजनीतिक नेतृत्व की बेरुखी आगरा के नागरिकों के लिए पीड़ादायक है।

विधानसभा चुनाव से पहले बैराज निर्माण शुरू होने की उम्मीद

कार्यक्रम में डॉ.देवाशीष भट्टाचार्य ने उम्मीद जताई कि अगले विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की भाजपा सरकार यमुना पर बैराज निर्माण का काम शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि पूरे ब्रज मंडल की जीवनरेखा है। इसके संरक्षण के लिए अब ठोस, प्रभावी और समयबद्ध कदम उठाने की आवश्यकता है।

आश्वासन नहीं, यमुना में पानी चाहिए

आयोजकों ने स्पष्ट किया कि ‘झुनझुना दिवस’ किसी उत्सव का हिस्सा नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों को उनके चुनावी वायदों और सार्वजनिक जिम्मेदारियों की याद दिलाने का शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रयास है।

कार्यक्रम के अंत में गोस्वामी नंदन श्रोत्रिय ने विशेष यमुना आरती कराई। उपस्थित सदस्यों ने यमुना के पुनर्जीवन और ब्रज की प्राकृतिक विरासत के संरक्षण का संकल्प दोहराया।

इस अवसर पर डॉ.देवाशीष भट्टाचार्य, डॉ.हरेंद्र गुप्ता, पंडित जुगल किशोर, अभिनव, मीरा खंडेलवाल, डॉ.ज्योति खंडेलवाल, विशाल झा, राकेश गुप्ता, जगन प्रसाद तेहरिया, चतुर्भुज तिवारी, डॉ.मुकुल पंड्या, पद्मिनी अय्यर, शशिकांत उपाध्याय, रंजन शर्मा, मुकेश चौधरी और दिनेश शर्मा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

रिवर एक्टिविस्ट्स का संदेश साफ है - आगरा को चुनावी आश्वासन नहीं, यमुना में अविरल जल प्रवाह और नदी के पुनर्जीवन के लिए ठोस कार्रवाई चाहिए।

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