Corruption Allegations Against Police Personnel Agra: थानों में शिकायत लेकर पहुंचने वाले पीड़ितों की सुनवाई और पुलिसकर्मियों के आचरण को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच आगरा पुलिस कमिश्नरेट में देर रात बड़ा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिला। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने लापरवाही, भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों और LIU रिपोर्ट के आधार पर छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया, जबकि सदर और जगनेर थाने के प्रभारी निरीक्षकों को लाइन हाजिर कर दिया गया। कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति है।
कार्रवाई की जद में जगनेर थाने के कांस्टेबल अंकित कुमार और निरीक्षक अपराध विजेंद्र सिंह, बमरौली कटारा थाने के हेड कांस्टेबल राशिद अली, एसीपी खेरागढ़ कार्यालय में तैनात हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र सिंह, डौकी थाने के कांस्टेबल राजीव पराशर और किरावली थाने के कांस्टेबल संचित आए हैं। सभी को निलंबन की गाज गिरी है।
इसके अलावा सदर थाना प्रभारी विजय विक्रम सिंह और जगनेर थाना प्रभारी सुभाष चंद्र को लाइन हाजिर किया गया है। पुलिस आयुक्त के इस फैसले को थानों में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
कार्रवाई के साथ ही आगरा पुलिस में देर रात कई तबादले भी किए गए हैं। रामकुमार तोमर को इरादतनगर से हटाकर जगनेर का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है, जबकि देवकरन को इरादतनगर थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसी क्रम में समरेश सिंह को बसई अरेला और प्रमोद कुमार को जैतपुर का प्रभारी बनाया गया है। दीपक कुमार सिंह को पिडौरा थाने का थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कई पुलिसकर्मियों का गैर-जनपद स्थानांतरण भी किया गया है।
पुलिस महकमे में यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण लगातार पुलिसिंग में पारदर्शिता, जवाबदेही और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर दे रहे हैं। ऐसे में आगरा कमिश्नरेट में एक साथ छह पुलिसकर्मियों के निलंबन और दो थाना प्रभारियों को लाइन हाजिर किए जाने को अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार की इस कार्रवाई से साफ है कि थानों में लापरवाही, शिकायतों की अनदेखी और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को लेकर अब विभागीय स्तर पर सख्ती बढ़ाई जा रही है। बतादें कि पुलिस आयुक्त को थानों से पीड़ितों की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, जिसमें पीड़ितों की फ़रियाद को न सुनना, पीड़ितों को थानों से भगाना, आरोपियों को शह देना, भ्रष्टाचार की गंभीर शिकायतों के साथ LIU रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आयुक्त ने यह सख्त कदम उठाया और देर रात कड़ी कार्रवाई कर दी। अब देखना होगा कि जनपद के अन्य पुलिस कर्मी इस बड़ी कार्रवाई के बाद अपने आचरण में बदलाव लाते हैं या नहीं।