आगरा में सहकारिता विभाग के 11 गोदामों में ₹4.12 करोड़ की गड़बड़ी सोर्स- नवभारत लाइव
आगरा

Navbharat Exclusive: आगरा में गोदाम निर्माण में करोड़ों की धांधली, कहीं खिड़की गायब तो कहीं बीम कमजोर

TAC Report On Agra Warehouse Irregularities: आगरा में सहकारिता विभाग के 11 गोदामों में ₹4.12 करोड़ की गड़बड़ी सामने आई है। TAC रिपोर्ट के बाद किसान नेताओं ने रिकवरी और केस दर्ज करने की मांग की है।

प्रदीप कुमार रावत, अमन मौर्या

Agra Warehouse Scam Cooperative Department: आगरा में सहकारिता विभाग की समितियों के लिए बनाए गए गोदामों में कथित अनियमितताओं का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। किसान नेताओं ने ₹4.12 करोड़ की योजना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और सरकारी धन की रिकवरी कराने की मांग की है।

उनका कहना है कि तकनीकी जांच समिति (TAC) की रिपोर्ट में 11 गोदामों में गंभीर खामियां सामने आई हैं, इसके बावजूद रिपोर्ट को लंबे समय तक दबाकर रखा गया।

CDO ऑफिस पर 34 दिनों तक चला अनशन

किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने 'नव भारत' को बताया कि उन्होंने इस मामले में सीडीओ कार्यालय पर 34 दिन तक अनशन किया था। इसके बाद थाना नाई की मंडी में फर्म से संबंधित मुकदमा दर्ज हुआ। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर अधिकारियों की भूमिका तय कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की जा रही है।

अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ करोंड़ो का खेल

जानकारी के अनुसार, आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत सहकारिता विभाग की खाद-बीज समितियों में गोदाम निर्माण के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार से करीब ₹4.12 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई थी। किसान नेताओं का आरोप है कि वर्ष 2022 में टेंडर प्रक्रिया के बाद एक फर्म को काम दिया गया और अधिकारियों की मिलीभगत से भुगतान कर दिया गया, जबकि कई स्थानों पर गोदाम या तो अधूरे हैं या निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब है।

आगरा में सहकारिता विभाग के 11 गोदामों में ₹4.12 करोड़ की गड़बड़ी

11 गोदामों की जांच में सामने आईं गंभीर खामियां

तत्कालीन जिलाधिकारी अरविंद कुमार बंगारी के निर्देश पर TAC की तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी। टीम ने मौके पर जाकर 11 गोदामों का निरीक्षण किया और अपनी रिपोर्ट 8 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी को सौंप दी। किसान नेताओं के मुताबिक रिपोर्ट में कहीं फर्श टूटने, कहीं धंसने, कहीं दीवारों में दरार, कहीं छत और बीम में खामी, तो कहीं खिड़की-दरवाजे और अन्य जरूरी निर्माण कार्य अधूरे मिलने की बात सामने आई है।

आलू उत्पादक किसान नेता लक्ष्मी नारायण बघेल ने आरोप लगाया कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बावजूद दोषी अधिकारियों ने सांठगांठ कर इसे दबाए रखा। किसान नेताओं ने जिलाधिकारी, मंडलायुक्त, शासन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक शिकायतें भेजीं, जिसके बाद जांच आगे बढ़ी।

आगरा में सहकारिता विभाग के 11 गोदामों में ₹4.12 करोड़ की गड़बड़ी

फर्जी फर्म पर पहले से मुकदमा

किसान नेता लाखन सिंह त्यागी ने आरोप लगाया कि टेंडर एक ऐसी फर्म को दिया गया जिसके दस्तावेज और एफडीआर तक फर्जी होने का आरोप है। फर्म के खिलाफ थाना नाई की मंडी में मुकदमा दर्ज है और उसमें आरोपपत्र दाखिल होने की बात किसान नेताओं ने कही है। मुकदमे में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं।

किसान नेताओं का दावा है कि TAC रिपोर्ट में अधिकारियों की भूमिका सामने आने के बाद अब जिले के सात और ब्लॉक स्तर के तीन अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में आ सकती है। हालांकि, अंतिम रूप से नाम और जिम्मेदारी जांच एवं संबंधित विभाग की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।

किसानों-सरकार के धन के साथ हुआ अन्याय- किसान

श्याम सिंह चाहर ने कहा कि किसानों और सरकार के धन के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने साफ किया कि “कितना भी बड़ा अधिकारी हो, दोष साबित होने पर कार्रवाई होनी चाहिए। सरकारी धन की रिकवरी कराए बिना किसान नेता पीछे नहीं हटेंगे।”

ये भी पढ़ें

अब पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि TAC की रिपोर्ट के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कब और क्या कार्रवाई होती है तथा ₹4.12 करोड़ की धनराशि में हुई कथित गड़बड़ी की रिकवरी कैसे कराई जाती है।

Delhi Protest LIVE: इंडिया गठबंधन की बैठक शुरू, राष्ट्रपति से मिलेंगे विपक्ष के नेता

मुंबई से दिल्ली जाने का प्लान है? 10 अक्टूबर को 5 ट्रेनें रद्द और 2 राजधानी एक्सप्रेस 5 घंटे देरी से चलेंगी

Bypoll Results 2026: बंगाल-असम में BJP तो तमिलनाडु में TVK ने मारी बाजी, देखें उपचुनाव के नतीजे

मक्खी-मच्छर, तिलचट्टा सब आंदोलन करें! CJP के प्रदर्शन पर उद्धव गुट के नेता आनंद दुबे का तंज, CEC पर भी निशाना

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली मेट्रो बंद करने का आदेश किया खारिज, CJP प्रोटेस्ट से पहले सख्ती पर सरकार को लगाई फटकार