आगरा कलेक्ट्रेट के सामने दिव्यांगजनों का अनोखा विरोध प्रदर्शन सोर्स- नवभारत लाइव
आगरा

सहानुभूति नहीं, अधिकार चाहिए...हाथ में कटोरा लेकर आगरा कलेक्ट्रेट पहुंचे दिव्यांग, विधानसभा घेराव की चेतावनी

Agra Collectorate Divyang Protest: आगरा कलेक्ट्रेट में हाथों में कटोरा लेकर दिव्यांगजनों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। 11 सूत्रीय मांगों पर ठोस कार्रवाई न होने पर दी विधानसभा घेराव की चेतावनी।

प्रदीप कुमार रावत, अमन मौर्या

Agra Differently Abled Protest: आगरा में आज जिला मुख्यालय का नजारा कुछ अलग ही दिखाई दे रहा था। कलेक्ट्रेट में दाखिल होते ही हाथों में कटोरा लिए बैठे दिव्यांगजन नजर आए। मामला भी कुछ ऐसा था कि जिसने भी यह दृश्य देखा, कुछ पल के लिए ठिठक गया। सैकड़ों की संख्या में दिव्यांगजन अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर अनोखे अंदाज में प्रदर्शन कर रहे थे।

कटोरा लेकर किया प्रदर्शन

देवेंद्र सविता के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुंचे दिव्यांगजनों ने हाथों में कटोरा लेकर सरकार और प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की। उनका कहना था कि कई बार मांगें उठाई गईं, अधिकारियों से मुलाकात हुई और सरकार की ओर से भी समस्याओं के समाधान का भरोसा मिला, लेकिन उनकी जिंदगी में बदलाव अब तक दिखाई नहीं दिया।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में आयुष्मान योजना के तहत हेल्थ कार्ड, दिव्यांगजनों को आवास और पेंशन की राशि बढ़ाए जाने सहित 11 मांगें शामिल हैं। दिव्यांगजनों ने कलेक्ट्रेट गेट पर बैठकर नारेबाजी की और अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की।

अधिकारियों ने दिया आश्वासन

प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने दिव्यांगजनों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा।

दिव्यांगजनों का कहना था कि यदि राज्य सरकार उन्हें अधिकार और सम्मान के साथ जीवन जीने की सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा सकती तो वे कटोरा लेकर ही अपनी पीड़ा बताने को मजबूर हैं। यही वजह रही कि मंगलवार को कलेक्ट्रेट में उनका विरोध प्रदर्शन आम प्रदर्शनों से बिल्कुल अलग नजर आया।

विधानसभा घेराव की दी चेतावनी

दिव्यांगजनों ने चेतावनी दी कि यदि एक महीने के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 29 सितंबर को लखनऊ में विधानसभा का घेराव किया जाएगा।

कलेक्ट्रेट में हाथों में कटोरा लिए बैठे दिव्यांगजनों का यह दृश्य पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा। उनका संदेश साफ था - “हमें सहानुभूति नहीं, अपने अधिकार चाहिए।”

क्या राजनीति छोड़ रहे हैं नितिन गडकरी? संन्यास की अटकलों पर केंद्रीय मंत्री ने तोड़ी चुप्पी, जानिए पूरा सच

SECI Recruitment 2026: इंजीनियर समेत 28 पदों पर निकली भर्ती, 2.80 लाख तक सैलरी; 23 सितंबर तक करें आवेदन

कॉकरोच किसके लिए कहा गया था? CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का बड़ा दावा, जानें किसका लिया नाम

तरुण तेजपाल को जाना ही होगा जेल...सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई याचिका, सरेंडर के लिए दिया दो हफ्ते का टाइम

जंतर-मंतर हिंसा से दिल्ली पुलिस ने ली सीख, तैयार किया नया प्लान, अब हर बड़े प्रदर्शन पर ऐसे रखी जाएगी पैनी नजर