कॉकरोच किसके लिए कहा गया था? CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का बड़ा दावा, जानें किसका लिया नाम

Cockroach Controversy: कॉकरोच शब्द के विवाद में CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने दावा किया कि यह शब्द सौरव दास के लिए इस्तेमाल हुआ था। सीजेआई सूर्यकांत पहले ही अपनी टिप्पणी पर सफाई दे चुके हैं।
 Abhijeet Dipke And CJI Suryakant
अभिजीत दिपके और सीजेआई सूर्यकांतसोर्स - सोशल मीडिया
Published on
Updated on

Abhijeet Deepke On CJI Suryakant: कॉकरोच शब्द को लेकर छिड़ा विवाद अब नए मोड़ ले लिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि कॉकरोच शब्द सौरव दास के लिए इस्तेमाल किया गया था। दरअसल सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता न्यूज 24 को दिए एक इंटरव्यू में सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने पत्रकारिता करियर का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि वो कानून पर लिखते हैं और ज्यादातर जजों पर भी लिखने का काम करते हैं। वहीं अभिजीत दीपके ने कहा, जो कॉकरोच शब्द का उपयोग किया गया था, वो प्रवक्ता सौरव के लिए ही किया गया था क्योंकि उस वक्त सबसे ज्यादा यही लिख रहा था।

सौरव दास ने सुनाया पूरा घटनाक्रम

एक इंटरव्यू में सौरव दास ने भी बताया कि उस समय वकीलों और सेवानिवृत्त जजों ने उन्हें यही बात कही थी। उन्होंने मेरे संपर्क कर के कहा था की यह कॉमेंट आपके लिए ही किया गया है, क्योंकि उस समय वह तत्कालीन न्यायाधीश सूर्यकांत पर प्रोफाइल लिख रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि मैंने डीवाई चंद्रचूड़ के लिए भी लिखा था और उसी तरह की प्रोफाइल लिख रहा था,

इसके लिए मैंने कुछ आरटीआई (RTI) आवेदन दायर किए थे। वहीं CJP प्रवक्ता सौरव दास ने सीजेआई की टिप्पणी का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने कहा था जब कुछ युवाओं को प्रोफेशनल जॉब नहीं मिलता है तो वह पत्रकार बन जाते हैं और उसके बाद आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करते हैं।

 Abhijeet Dipke And CJI Suryakant
CJP के दीपके ने किसे बताया देश का सबसे बेस्ट PM? इन नेताओं को बताया बेस्ट CM

सीजेआई सूर्यकांत ने दी सफाई

सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की मौखिक टिप्पणी को देश के बेरोजगार युवाओं पर टिप्पणी बताकर प्रसारित किया गया। इस पर CJI ने अदालत में स्पष्ट किया कि उनकी बात का गलत अर्थ निकाला गया है।

उन्होंने कहा, 'मुझे दुख हुआ कि मीडिया के एक हिस्से ने मेरी मौखिक टिप्पणियों को गलत ढंग से पेश किया। मेरी आलोचना उन लोगों के लिए थी, जो नकली और फर्जी डिग्रियों के सहारे वकालत जैसे पेशों में प्रवेश करते हैं। ऐसे लोग मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य प्रतिष्ठित क्षेत्रों में भी घुसपैठ कर चुके हैं। यह कहना पूरी तरह बेबुनियाद है कि मैंने देश के युवाओं की आलोचना की थी।'

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com