

UP Politics: उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में आज राजधानी दिल्ली में भाजपा की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है, जिसे आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से बहुत अहम माना जा रहा है। इस बैठक में राज्य के दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य तथा बृजेश पाठक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह शामिल हो रहे हैं।
खबरों के मुताबिक, बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार(Yogi Cabinet Expansion) के साथ-साथ अगले साल होने वाले चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी। बाजपा इस बार जातीय संतुलन और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल करने पर विचार कर सकती है।
भाजपा इस बार खास तौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए नेतृत्व संतुलन बनाने की कोशिश करेगी। पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद अब भाजपा का पूरा फोकस उत्तर प्रदेश के आगामी चुनाव पर आ गया है। ऐसे में ये बैठक मिशन 2027 की रणनीति तय करने वाली मानी जा रही है।
भाजपा नेतृत्व उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं से फीडबैक लेकर आगे की रणनीति तय करेगा। ऐसा बताया जा रहा है कि जिन नेताओं ने पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है, उनको सरकार में जगह मिल सकती है।
बैठक में इसके अलावा संगठन को और मजबूत करने, बूथ स्तर पर पकड़ बनाने तथा चुनावी मुद्दों को धार देने पर भी चर्चा होगी। दिल्ली में हो रही इस मीटिंग को अचानक बुलाया जाना भी कई बातों का संकेत दे रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में संगठन और सरकार को लेकर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं, जिनमें मंत्रिमंडल विस्तार की टाइमिंग और उसमें शामिल होने वाले नए चेहरों पर अंतिम मुहर लग सकती है।