Agra Cantt Railway Station: उत्तर मध्य रेलवे के प्रमुख मंडलों में शुमार आगरा मंडल एक बार फिर सवालों के घेरे में है। डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट और आरपीएफ कर्मियों के बीच हुए विवाद का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि अब आगरा कैंट रेलवे स्टेशन का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में प्लेटफार्म नंबर एक पर कुछ लोग एक साधु के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि घटना के दौरान एक महिला यात्री ने साधु पर गंभीर आरोप लगाए। महिला का कहना था कि साधु ने उसे गलत नीयत से एक बार नहीं, बल्कि दो बार स्पर्श किया। महिला के मुताबिक, जब उसने इसका विरोध किया तो साधु की ओर से कथित तौर पर पैसे मांगने की बात कही गई। महिला ने सवाल उठाया कि अगर पैसे मांगने थे तो सीधे बोलकर पैसे मांग सकते थे, उसे छूने की जरूरत क्यों पड़ी।
महिला के आरोपों के बाद मौके पर मौजूद यात्रियों और कुछ रेल कर्मचारियों का गुस्सा भड़क गया। देखते ही देखते कई लोग साधु के साथ मारपीट करने लगे। इसके बाद साधु को स्टेशन परिसर से बाहर कर दिया गया। इसी पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस स्थान पर यह हंगामा और मारपीट हुई, वहां से आरपीएफ थाना महज चंद कदमों की दूरी पर बताया जा रहा है। इसके बावजूद वायरल वीडियो में मौके पर तत्काल कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर स्टेशन जैसे संवेदनशील और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण परिसर में कानून हाथ में लेने की नौबत क्यों आई?
महिला के आरोप अपनी जगह गंभीर हैं, लेकिन किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप लगने के बाद भीड़ द्वारा कानून हाथ में लेकर मारपीट किया जाना भी गंभीर सवाल खड़े करता है। जरूरत इस बात की है कि रेलवे और आरपीएफ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करे, वायरल वीडियो की वास्तविकता और घटनाक्रम की पड़ताल करे और यह स्पष्ट करे कि घटना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कहां थी।
आगरा कैंट स्टेशन से जुड़े विवादों की हालिया कड़ी में यह नया मामला रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था, यात्रियों की सुरक्षा और मौके पर तैनात सुरक्षा बलों की सक्रियता पर फिर सवाल खड़े करता दिखाई दे रहा है।