

Hindu Mahasabha Protest At Agra Taj Mahal: ताजमहल को लेकर ‘तेजो महालय’ का विवाद नया नहीं है। वर्षों से हिंदूवादी संगठन ताजमहल को शिव मंदिर बताते हुए सावन के महीने में उसके भीतर पूजा-अर्चना, आरती और गंगाजल अर्पित करने का प्रयास करते रहे हैं। कई मौकों पर इसे लेकर सिविल पुलिस, सीआईएसएफ और पुरातत्व विभाग के कर्मचारियों के साथ संगठनों की नोकझोंक और विवाद भी सामने आते रहे हैं। हालांकि इस बार विरोध का तरीका कुछ अलग नजर आया।
अखिल भारत हिंदू महासभा से जुड़े पदाधिकारी ताजमहल परिसर तक कांवड़ लेकर पहुंचने के बजाय आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार पर स्थित ताजमहल के मॉडल के सामने पहुंच गए। यहां शंखनाद किया गया, बेलपत्र चढ़ाए गए और मॉडल की आरती उतारी गई। इस दौरान ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष और शंख की आवाज से स्टेशन परिसर में हलचल बढ़ गई।
कार्यक्रम के दौरान जीआरपी और आरपीएफ के जवान भी मौके पर पहुंच गए। हिंदू महासभा पदाधिकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी तकरार की स्थिति बनी। संगठन की महिला महानगर अध्यक्ष निशा ठाकुर और मंडल अध्यक्ष नितेश भारद्वाज सहित अन्य पदाधिकारियों ने मॉडल के सामने जलाभिषेक और पूजा की।
हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने कहा कि जब रेलवे में या प्लेटफॉर्म पर मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज अदा कर सकते हैं, तो हिंदू अपने आराध्य महादेव की पूजा क्यों नहीं कर सकते? संगठन के नेताओं ने इसे श्रावण मास के स्वागत और ‘तेजो महालय’ के प्रति अपनी आस्था का प्रतीक बताया।
महिला महानगर अध्यक्ष निशा ठाकुर और मंडल अध्यक्ष नितेश भारद्वाज ने कहा कि “आज तेजो महालय यानी ताजमहल के मॉडल की सिर्फ आरती उतारी है, अभी तो यह आगाज है। हम भगवान भोलेनाथ के भक्त हैं, तांडव तो होगा ही।”
वहीं, हिंदू महासभा के वरिष्ठ नेता मनीष पंडित और जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने ताजमहल को ‘तेजो महालय’ बताते हुए दावा किया कि वहां भगवान शिव का निवास है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कांवड़ यात्रा को लेकर दिए गए आह्वान का हवाला देते हुए कहा कि शिवभक्त अपने धार्मिक विश्वास को लेकर पीछे नहीं हटेंगे।
हर साल सावन में ताजमहल को लेकर होने वाले विरोध प्रदर्शनों में जहां संगठन सीधे ताजमहल परिसर तक पहुंचने की कोशिश करते रहे हैं, वहीं इस बार ताज के मॉडल के सामने आरती कर हिंदू महासभा ने अपने विरोध का नया प्रतीकात्मक तरीका अपनाया। सवाल अब यह है कि क्या मॉडल के सामने हुई यह आरती आने वाले दिनों में ताजमहल को लेकर आंदोलन का नया स्वरूप बनेगी, या फिर प्रशासन इसे यहीं तक सीमित रखने में सफल रहेगा?
फिलहाल आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर शंखनाद, हर-हर महादेव के जयघोष और पुलिस से तकरार ने एक बार फिर ताजमहल बनाम ‘तेजो महालय’ के पुराने विवाद को सुर्खियों में ला दिया है।