Massive JLR UK Layoffs: टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली लग्जरी कार कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) ब्रिटेन में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी कर रही है। बढ़ती उत्पादन लागत, अमेरिकी टैरिफ और कमजोर कारोबारी माहौल के बीच कंपनी अगले दो वर्षों में करीब 4000 पदों को खत्म करने की योजना बना रही है। इस फैसले का असर कंपनी के कर्मचारियों के साथ-साथ ब्रिटेन की ऑटो इंडस्ट्री और सप्लाई चेन पर भी पड़ सकता है।
JLR के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में अमेरिकी आयात शुल्क भी शामिल है। ब्रिटेन से अमेरिका भेजी जाने वाली कारों पर 10 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ ने कंपनी के निर्यात कारोबार पर दबाव बढ़ाया है।
अमेरिकी बाजार JLR के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। कंपनी की कुल वैश्विक बिक्री में उत्तरी अमेरिकी बाजार की हिस्सेदारी करीब 29 फीसदी बताई गई है। ऐसे में टैरिफ बढ़ने से लागत और मुनाफे पर सीधा असर पड़ने की चिंता बढ़ गई है।
JLR को हाल के समय में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। कमजोर बिक्री और वैश्विक कारोबारी अनिश्चितता के अलावा कंपनी एक बड़े साइबर हमले से भी प्रभावित हुई थी। इस हमले ने उसके अंतरराष्ट्रीय कारोबार को काफी समय तक बाधित किया।
इन चुनौतियों के बीच कंपनी ने अगले दो वर्षों में करीब 1.7 अरब यूरो की बचत का लक्ष्य रखा है। कर्मचारियों की संख्या कम करना इसी लागत-कटौती रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
छंटनी के असर को कम करने के लिए JLR ने ट्रेड यूनियनों और कर्मचारियों के साथ बातचीत शुरू की है। कंपनी की ओर से वॉलंटरी रिडंडेंसी प्रोग्राम भी चलाया जा रहा है, जिसके तहत वेतनभोगी अधिकारियों और मैनेजमेंट से जुड़े कर्मचारियों को स्वेच्छा से कंपनी छोड़ने का विकल्प दिया जा रहा है।
फिलहाल JLR ब्रिटेन में करीब 34000 लोगों को रोजगार देती है। कंपनी के वेस्ट मिडलैंड्स के तीन प्लांट और हेलवुड की सुविधा इसके प्रमुख रोजगार केंद्र हैं। इसके अलावा ब्रिटेन की सप्लाई चेन में करीब 1.2 लाख नौकरियां भी कंपनी की गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं।
टाटा मोटर्स के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में JLR की थोक बिक्री में सालाना आधार पर 9.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के कारोबार पर सप्लाई चेन में रुकावट, एक पार्ट्स सप्लायर की फैक्ट्री में आग और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का भी असर पड़ा।
इन परिस्थितियों ने कंपनी की उत्पादन क्षमता और बिक्री दोनों पर दबाव बढ़ाया है। ऐसे में लागत घटाने के लिए कर्मचारियों की संख्या कम करने का फैसला लिया जा रहा है।
JLR अब अपने भविष्य के कारोबार को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से मोड़ रही है। कंपनी जगुआर के पारंपरिक मॉडलों के उत्पादन को धीरे-धीरे बंद करने की रणनीति पर काम कर रही है।
आने वाले महीनों में कंपनी BEV यानी बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में चार नए उत्पाद पेश करने की योजना बना रही है। ऐसे में एक तरफ जहां कर्मचारियों की छंटनी से ब्रिटेन में चिंता बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर कंपनी इलेक्ट्रिक कारों के जरिए बदलते ऑटोमोबाइल बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।