Indian Railways Checking Drive: देश की अधिकांश जनता अपने सफर के लिए रेल पर निर्भर है। ट्रेन की यात्रा आरामदायक और किफायती दोनों होती है। लेकिन रेलवे एक अभियान शुरू करने जा रहा है। अगर आप भारतीय ट्रेन से सफर करते है, तो यह आपके लिए बड़ी खबर है।
दरअसल, भारतीय रेलवे बिना टिकट यात्रा करने वाले या मंथली पास और रेलवे कोटा के गलत उपयोग करने वालों के खिलाफ 1 महीने का बड़ा अभियान चलाने जा रही है। इस दरमियान यात्रियों को सफर से संबंधित वैध दस्तावेज के अलावा ID प्रूफ भी रखना जरूरी होगा। ID प्रूफ नहीं होने पर भी बिना टिकट मानते हुए यात्री पर कार्रवाई हो सकती है।
दरअसल, त्योहार आने वाला है और बड़ी संख्या में लोग त्योहार मनाने एक जगह से दूसरी जगह की यात्रा करते हैं। त्योहार के समय रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए सेंट्रल रेलवे ने एक बड़े चेकिंग अभियान का ऐलान किया है।
जो कि 1 अक्टूबर से शुरू होकर पूरे महीने यानी 31 अक्टूबर तक चलने वाली है। रेलवे की तरफ से जारी सूचना के अनुसार इस विशेष टिकट चेकिंग अभियान का उद्देश्य फर्जी टिकटों, गैरकानूनी सफर और कोटा के गलत इस्तेमाल को रोकना है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह अभियान सिर्फ एक्सप्रेस या लंबी दूरी की ट्रेनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोकल ट्रेनों और रेलवे स्टेशन परिसरों में भी यात्रियों से TTE की टीमें सख्त जांच करेगी।
कुछ लोग रेलवे टिकट के लिए कोटा का प्रयोग करते हैं। ऐसे में दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, स्टूडेंट या अन्य विशेष कोटा के तहत बुक किए गए टिकटों की पात्रता की जांच होगी। ई-पास या प्रिविलेज टिकट ऑर्डर पर यात्रा करने वाले रेलवे कर्मचारियों व उनके परिजनों को सफर से पहले इसे वैध अथॉरिटी टिकट में बदलना अनिवार्य होगा। टिकट चेकिंग स्टाफ हैंडहेल्ड टीटीई ऐप के जरिए ऑन-द-स्पॉट टिकटों की प्रामाणिकता और यात्रियों के विवरण की पुष्टि करेगा।
अगर आप किसी रियायती टिकट या कोटे के तहत यात्रा कर रहे हैं, तो आपको केवल ओरिजिनल आईडी प्रूफ ही दिखाना होगा। इस अभियान के तहत मोबाइल फोन में फोटो या फोटो कॉपी मान्य नहीं होगी। भारतीय रेलवे के नियमानुसार ये 9 डाक्यूमेंट मान्य होंगे।
आधार कार्ड
वोटर आईडी
ड्राइविंग लाइसेंस
पासपोर्ट
फोटो पहचान पत्र
छात्र पहचान पत्र
फोटो युक्त बैंक पासबुक
फोटो वाला क्रेडिट कार्ड
पैन कार्ड