Sanchar Saathi में क्या है फायदा। (सौ. Design) 
टेक्नॉलजी

फेक बैंक कॉल की पहचान ऐसे करें, सरकार ने लॉन्च किया नया सिस्टम, मिनटों में करें वेरिफाई

Online Scam: बैंक, बीमा कंपनी या किसी वित्तीय संस्था के नाम से कॉल, Email या SMS मिल रहा है, तो अब सतर्क हो जाएं। ये असली है या नकली इसके बारें में पता होना जरूरी है।

सिमरन सिंह

Sanchar Saathi Security From Fraud: अगर आपको बैंक, बीमा कंपनी या किसी वित्तीय संस्था के नाम से कॉल, Email या SMS मिल रहा है, तो अब सतर्क हो जाएं। हो सकता है यह एक Fake कॉल या धोखाधड़ी वाला मैसेज हो। लेकिन अब चिंता की कोई बात नहीं है, क्योंकि सरकार ने ऐसा सिस्टम लॉन्च किया है, जिससे आप कुछ ही सेकंड में यह जांच सकते हैं कि कॉल या मैसेज असली है या नकली।

डिजिटल ठगी से बचाएगा नया सिस्टम

दूरसंचार विभाग (DoT) ने एक नया वेरिफिकेशन सिस्टम शुरू किया है, जिसके जरिए नागरिक अब किसी भी Email, कॉल या वेबसाइट की सत्यता जांच सकते हैं। यह पता लगाया जा सकता है कि जानकारी किसी वास्तविक बैंक या संस्था से आई है या किसी फ्रॉड ग्रुप से। इस सिस्टम का मुख्य उद्देश्य लोगों को डिजिटल फ्रॉड और ऑनलाइन स्कैम से बचाना है। DoT के अनुसार, "इस पहल से नागरिक सुरक्षित डिजिटल सेवाओं का चयन करने में सक्षम होंगे और धोखेबाजों की चालों से आसानी से बच सकेंगे।"

DoT ने X पर दी जानकारी

दूरसंचार विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर करते हुए इस सुविधा के बारे में जानकारी दी। विभाग ने अपने ट्वीट में कहा, "किसी भी संदिग्ध कॉल, ईमेल या वेबसाइट को वेरिफाई करने के लिए अब नागरिक #SancharSaathi पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं। किसी भी लिंक या मैसेज पर क्लिक करने से पहले उसकी जांच करना बेहद जरूरी है।"

Sanchar Saathi पोर्टल से मिलेगी सटीक जानकारी

  • यह नई सुविधा Sanchar Saathi पोर्टल (sancharsaathi.gov.in) पर उपलब्ध है।
  • यहां यूजर किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान का नाम, वेबसाइट, ईमेल या फोन नंबर दर्ज करके उसकी सत्यता जांच सकते हैं।

अगर जानकारी असली होगी, तो पोर्टल पर उस संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट लिंक, ईमेल एड्रेस, टोल-फ्री नंबर और ग्राहक सेवा से संपर्क करने के वैध विकल्प दिखेंगे। इससे किसी भी कॉल या ईमेल की असलियत का तुरंत पता लगाया जा सकता है।

इस तरह करें सिस्टम का इस्तेमाल

  • सबसे पहले sancharsaathi.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
  • वहां "Check Mobile/Email/Website Authenticity" विकल्प चुनें।
  • अब संबंधित बैंक या संस्था का नंबर, ईमेल या वेबसाइट URL डालें।
  • कुछ ही सेकंड में आपको पता चल जाएगा कि जानकारी असली है या फेक।

हालांकि फिलहाल कुछ निजी बैंकों जैसे ICICI Bank के डेटा अभी अधूरे हैं और व्हाट्सएप नंबर या ग्राहक सेवा की जानकारी सीमित है, लेकिन यह सिस्टम डिजिटल सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रहा है।

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