Google Search पर इन चीजों को सर्च करने से फोन और लैपटॉप हैक कर सकते है। (सौ. Freeepik) 
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हैकर्स से बचने के लिए गूगल सर्च करते समय रहें सावधान, इन शब्दों से हैक होगा फोन और लैपटॉप

SOPHOS के अनुसार, कुछ विशेष शब्दों को गूगल पर सर्च करने से बचना चाहिए। इन शब्दों से संबंधित लिंक पर क्लिक करना आपकी प्राइवेसी और सुरक्षा के लिए खतरे का कारण बन सकता है।

सिमरन सिंह

नवभारत डिजिटल डेस्क. आजकल के डिजिटल युग में जब हमारी ज़िंदगी में इंटरनेट की भूमिका बढ़ गई है, तब पर्सनल डेटा की सुरक्षा भी एक बड़ा मुद्दा बन गया है। हैकर्स नित-नए तरीके खोजकर हमारी जानकारी चुराने में सफल हो जाते हैं। इसमें सबसे बड़ा खतरा तब होता है, जब हम अनजाने में कुछ ऐसी गलतियाँ कर बैठते हैं, जो आगे चलकर भारी पड़ सकती हैं। हाल ही में एक प्रमुख साइबर सिक्योरिटी एजेंसी, SOPHOS ने गूगल सर्च से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण चेतावनियाँ जारी की हैं।

गूगल सर्च के दौरान इन शब्दों से रहें दूर

SOPHOS के अनुसार, कुछ विशेष शब्दों को गूगल पर सर्च करने से बचना चाहिए। इन शब्दों से संबंधित लिंक पर क्लिक करना आपकी प्राइवेसी और सुरक्षा के लिए खतरे का कारण बन सकता है। उदाहरण के तौर पर, "Are Bengal Cats legal in Australia?" जैसे सवालों को सर्च करने से आपकी पर्सनल जानकारी ऑनलाइन लीक हो सकती है। खासकर उन लोगों को टार्गेट किया जाता है, जो "ऑस्ट्रेलिया" शब्द का इस्तेमाल करते हैं।

कैसे काम करते हैं हैकर्स?

जब आप सर्च रिजल्ट्स में सबसे ऊपर आने वाले लिंक पर क्लिक करते हैं, तो आपकी पर्सनल जानकारी और बैंक डिटेल्स एक खतरनाक प्रोग्राम, "Gootloader" के जरिए चुराई जा सकती हैं। यह प्रोग्राम न केवल आपकी जानकारी चोरी करता है, बल्कि आपके डिवाइस को लॉक भी कर सकता है। हैकर्स इन अवैध लिंक पर क्लिक करने के लिए नए-नए तरीके अपनाते हैं, ताकि वे यूजर्स को फंसा सकें।

SEO पॉइजनिंग – एक खतरनाक रणनीति

SOPHOS ने यह भी बताया कि कुछ हैकर्स SEO पॉइजनिंग का सहारा लेते हैं। इसमें वे ऐसे शब्दों को सर्च रिजल्ट में प्रमोट करते हैं, जो पहली नजर में सामान्य और सेफ लगते हैं, लेकिन असल में ये खतरनाक होते हैं। "बंगाल कैट्स" जैसे शब्द इसका उदाहरण हैं। इसलिए, इस तरह के शब्दों को सर्च करने से बचना चाहिए।

खुद की सुरक्षा को प्राथमिकता दें

साइबर हमलों से बचने के लिए अपनी डिजिटल सुरक्षा को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है। SOPHOS ने सलाह दी है कि हर व्यक्ति को हमेशा टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को सक्रिय रखना चाहिए। इसके अलावा, एक ही पासवर्ड का इस्तेमाल न करें और समय-समय पर अपने पासवर्ड को बदलते रहें। अपनी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए इन उपायों को अपनाना बेहद महत्वपूर्ण है।

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