Intrinsically Dynamic Biosubstrate एक कमाल का डिवाइज। Source. Social Media
टेक्नॉलजी

वैज्ञानिकों का कमाल, कटने के बाद खुद ठीक हो जाएगी Electronic Skin, Wearable टेक्नोलॉजी में आएगा बड़ा बदलाव

Electronic Skin: सोचकर देखे कि अगर आपकी स्मार्टवॉच, हेल्थ सेंसर या VR ग्लव की सतह पर कट या खरोंच लग जाए और वह कुछ समय बाद खुद ही ठीक हो जाए।

सिमरन सिंह

Self Healing Material: सोचकर देखे कि अगर आपकी स्मार्टवॉच, हेल्थ सेंसर या VR ग्लव की सतह पर कट या खरोंच लग जाए और वह कुछ समय बाद खुद ही ठीक हो जाए। यह सुनने में किसी साइंस-फिक्शन फिल्म जैसा लगता है लेकिन वैज्ञानिक इस दिशा में बड़ी सफलता हासिल कर चुके हैं। बता दें कि सिंगापुर की National University of Singapore (NUS) के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा लचीला इलेक्ट्रॉनिक मटेरियल तैयार किया है जो नुकसान के बाद खुद की मरम्मत कर सकता है और इस्तेमाल के बाद रिसाइकिल भी किया जा सकता है। वहीं अब इस रिसर्च के नतीजे Nature Sustainability जर्नल में प्रकाशित हुए हैं।

क्या है ये नई Electronic Skin?

बता दें कि वैज्ञानिकों ने Intrinsically Dynamic Biosubstrate (IDBS) नाम का एक नया मटेरियल विकसित किया है। इसको खास तौर पर फ्लेक्सिबल इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए तैयार किया गया है। वहीं इसकी खासियत पर नजर डाले तो यह मुलायम और लचीला होने के साथ पर्याप्त मजबूत है और नुकसान होने पर अपने बॉन्ड को दोबारा जोड़कर खुद को रिपेयर कर सकता है। इसे बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने लिपोइक एसिड और फाइटिक एसिड जैसे प्राकृतिक पदार्थों का इस्तेमाल किया। इन दोनों को बिना खतरनाक सॉल्वेंट या अलग केमिकल कैटेलिस्ट के गर्म करके एक खास नेटवर्क बनाया गया।

छह घंटे में वापस हासिल की 80% से ज्यादा मजबूती

जानकारी के लिए बता दें कि इस मटेरियल की Self-Healing क्षमता सबसे ज्यादा ध्यान खींचती है। वैसे चोट या कट लगने पर इसके कुछ केमिकल बॉन्ड टूट जाते हैं लेकिन बाद में ये दोबारा जुड़कर मटेरियल की मजबूती को काफी हद तक वापस ला सकते हैं। वहीं लैब टेस्ट में IDBS के एक वर्जन को उसकी मूल लंबाई से आठ गुना से ज्यादा खींचा गया और गंभीर नुकसान पहुंचाया गया। इसके बावजूद कमरे के तापमान पर करीब छह घंटे में इसने अपनी मूल मजबूती का 80% से ज्यादा हिस्सा वापस हासिल कर लिया। इसकी खास बात यह है कि नुकसान और रिकवरी की प्रक्रिया पांच बार दोहराने के बाद भी मटेरियल 90% से ज्यादा मजबूती वापस पाने में सक्षम रहा।

Smartwatch से लेकर हेल्थ सेंसर तक होगा इस्तेमाल

वहीं Wearable इलेक्ट्रॉनिक्स में बार-बार मुड़ने और खिंचने के कारण पतले मेटल सर्किट बेस से अलग होने लगते हैं। IDBS इस समस्या को भी कम कर सकता है। इसको लेकर शोधकर्ताओं का कहना है कि यह मेटल के साथ मजबूत बॉन्ड बना सकता है जिससे सर्किट के अलग होने की संभावना घटती है। वहीं टीम ने इस मटेरियल से ऐसे प्रोटोटाइप भी बनाए हैं जो तापमान, सांस से पैदा होने वाली नमी और शरीर की गतिविधियों को माप सकते हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रोड के जरिए दिल और मांसपेशियों की गतिविधि रिकॉर्ड करने की क्षमता भी दिखाई गई है।

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