PhonePe के लिए RBI का बड़ा तोहफा। (सौ. Design) 
टेक्नॉलजी

दिवाली से पहले PhonePe को RBI से बड़ा तोहफ़ा, ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर बनने की मंजूरी

PhonePe merchant services: RBI ने देश की अग्रणी फिनटेक कंपनी PhonePe को दिवाली से पहले एक बड़ा तोहफ़ा दिया है। जिसका फायदा PhonePe अपने यूजर्स को देने वाले है।

सिमरन सिंह

RBI PhonePe approval: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने देश की अग्रणी फिनटेक कंपनी PhonePe को दिवाली से पहले एक बड़ा तोहफ़ा दिया है। RBI ने PhonePe को ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर के तौर पर काम करने की अनुमति प्रदान कर दी है। इस फैसले के बाद कंपनी अब दुकानदारों और बिज़नेसमैन को न केवल पेमेंट कलेक्ट करने बल्कि उन्हें सहजता से सेटल करने की सुविधा भी उपलब्ध कराएगी। इससे पहले PhonePe केवल ऑनलाइन पेमेंट की सेवाएं ही उपलब्ध कराती थी।

छोटे और मध्यम कारोबारियों पर फोकस

बीते शुक्रवार को मिली इस मंजूरी से PhonePe अपने मर्चेंट नेटवर्क का और विस्तार कर सकेगा। खासतौर पर छोटे और मध्यम व्यवसायों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, कंपनी उन्हें बेहतर डिजिटल पेमेंट सुविधाएं दे पाएगी। PhonePe के मर्चेंट बिज़नेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CBO) युवराज सिंह शेखावत ने कहा, "इस एग्रीगेटर के साथ, PhonePe उन व्यवसायों को, विशेष रूप से SME सेगमेंट में बढ़िया सर्विस प्रोवाइड कराने की स्थिति में होगा, जिन्हें पहले बेहतर सेवाएं नहीं मिलती थीं।"

पेमेंट गेटवे होगा और मज़बूत

RBI की इस अनुमति के बाद PhonePe को अपने पेमेंट गेटवे को और विकसित करने में मदद मिलेगी। यह गेटवे मर्चेंट्स को तुरंत ऑनबोर्ड करने, डेवलपर्स के लिए आसान इंटीग्रेशन और ग्राहकों के लिए स्मूथ चेकआउट अनुभव प्रदान करता है। इससे पेमेंट सक्सेस रेट भी बेहतर होगी।

शुरूआत से अब तक का सफर

2016 में शुरू हुई PhonePe आज भारत की सबसे बड़ी फिनटेक कंपनियों में शुमार है। कंपनी के पास 65 करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड यूजर्स, 4.5 करोड़ मर्चेंट्स का नेटवर्क और रोज़ाना 36 करोड़ से अधिक लेन-देन होते हैं। PhonePe का पोर्टफोलियो केवल पेमेंट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें लेंडिंग, इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन, वेल्थ प्रोडक्ट्स, हाइपरलोकल ई-कॉमर्स और इंडस ऐपस्टोर जैसी सेवाएं भी शामिल हैं।

ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर क्या है?

ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर एक ऐसी सर्विस होती है जो किसी भी बिज़नेस को ग्राहकों से डिजिटल पेमेंट्स स्वीकार करने में मदद करती है।

  • मर्चेंट ऑनबोर्डिंग: बिज़नेस एग्रीगेटर के साथ साइन अप करता है, जहां KYC और बिज़नेस डिटेल्स की वेरिफिकेशन की जाती है।
  • पेमेंट गेटवे इंटीग्रेशन: एग्रीगेटर मर्चेंट की वेबसाइट या ऐप में पेमेंट गेटवे जोड़ देता है, जो एक डिजिटल "कैश काउंटर" की तरह काम करता है।
  • मल्टिपल पेमेंट ऑप्शन्स: इसमें क्रेडिट/डेबिट कार्ड, UPI, नेट बैंकिंग, वॉलेट्स जैसे PhonePe और Google Pay शामिल होते हैं।
  • पेमेंट प्रोसेसिंग: एग्रीगेटर बैंक, कार्ड नेटवर्क (जैसे वीज़ा, मास्टरकार्ड) और अन्य फाइनेंशियल कंपनियों से कोऑर्डिनेट कर ट्रांजैक्शन पूरा करता है। सफल पेमेंट पर ग्राहक को कन्फर्मेशन मिल जाता है और असफलता की स्थिति में कारण भी बताया जाता है।

ध्यान दें

RBI की इस मंजूरी के बाद PhonePe देश के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में और भी मजबूत खिलाड़ी बनकर उभरेगा। खासकर छोटे व्यवसायों को इससे सबसे बड़ा लाभ मिलेगा और भारत की डिजिटल इकॉनमी को नई गति मिलेगी।

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