Samsung 18000mAh battery (Source. AI) 
टेक्नॉलजी

अब दिन-भर नहीं करना पड़ेगा फोन चार्ज, Samsung बना रहा 18,000mAh की दमदार बैटरी

Samsung 18000mAh battery: स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन एक बड़ी समस्या यह है कि ज्यादातर लोग दिन में कई बार फोन चार्ज करने को मजबूर होते हैं।

सिमरन सिंह

Samsung Battery: आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन एक बड़ी समस्या यह है कि ज्यादातर लोग दिन में कई बार फोन चार्ज करने को मजबूर होते हैं। अगर आप भी बार-बार चार्जिंग से परेशान हैं, तो आपके लिए बड़ी खबर है। दक्षिण कोरिया की दिग्गज टेक कंपनी Samsung अब इस समस्या का स्थायी समाधान खोजने में जुटी है।

ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी की बैटरी बनाने वाली इकाई Samsung SDI नई पीढ़ी की सिलिकॉन-कार्बन (Si-C) बैटरियों पर तेजी से काम कर रही है। माना जा रहा है कि ये बैटरियां मौजूदा स्मार्टफोन बैटरियों से कहीं ज्यादा ताकतवर और लंबे समय तक चलने वाली होंगी।

क्या है नई सिलिकॉन-कार्बन बैटरी तकनीक

फिलहाल ज्यादातर स्मार्टफोन में लिथियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल होता है, जिसमें ग्रेफाइट आधारित एनोड लगाया जाता है। लेकिन नई तकनीक में ग्रेफाइट की जगह सिलिकॉन-कार्बन का उपयोग किया जा रहा है। इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कम जगह में ज्यादा ऊर्जा स्टोर की जा सकती है। इसका मतलब यह है कि फोन की मोटाई ज्यादा बढ़ाए बिना बैटरी क्षमता कई गुना तक बढ़ाई जा सकती है। इससे यूजर्स को लंबे समय तक बैटरी बैकअप मिल सकता है।

तीन अलग-अलग क्षमता वाली बैटरियों की टेस्टिंग

लीक रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी फिलहाल तीन अलग-अलग क्षमता वाली बैटरियों पर प्रयोग कर रही है, जो भविष्य के स्मार्टफोन को पूरी तरह बदल सकती हैं।

12,000mAh बैटरी

यह बैटरी दो सेल को जोड़कर तैयार की गई है, जिनकी क्षमता लगभग 6,800mAh और 5,200mAh बताई जा रही है। दावा है कि इसे एक बार फुल चार्ज करने के बाद यूजर लगभग 20 से 25 घंटे तक लगातार इंटरनेट चला सकता है।

18,000mAh सुपर बैटरी

यह बैटरी तीन सेल को मिलाकर बनाई जा रही है। इसकी मोटाई करीब 12.8mm तक हो सकती है और इसकी ताकत लगभग एक पावर बैंक जितनी मानी जा रही है। अगर यह तकनीक सफल होती है, तो स्मार्टफोन की बैटरी लाइफ में बड़ा बदलाव आ सकता है।

20,000mAh बैटरी का परीक्षण

रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ने 20,000mAh बैटरी पर भी प्रयोग किया था। हालांकि टिकाऊपन और सुरक्षा के मानकों पर यह पूरी तरह सफल नहीं हो पाई, इसलिए फिलहाल इस प्रोजेक्ट को रोक दिया गया है।

सुरक्षा को लेकर कंपनी बेहद सतर्क

बैटरी तकनीक विकसित करते समय कंपनी सुरक्षा को लेकर काफी सतर्क है। दरअसल, साल 2016 में Samsung Galaxy Note 7 से जुड़ी बैटरी समस्या ने टेक इंडस्ट्री को चौंका दिया था। इसी वजह से कंपनी जल्दबाजी करने के बजाय नई बैटरियों की सुरक्षा और टिकाऊपन पर खास ध्यान दे रही है। कंपनी का लक्ष्य ऐसी बैटरी तैयार करना है जो कम से कम 1,500 बार चार्ज होने के बाद भी अपनी क्षमता बनाए रखे। इसके अलावा फोन को गर्म होने से बचाने के लिए खास कूलिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर लेयर पर भी काम किया जा रहा है।

भविष्य में बदल सकता है स्मार्टफोन का अनुभव

अगर सिलिकॉन-कार्बन बैटरी तकनीक सफल हो जाती है, तो आने वाले समय में स्मार्टफोन यूजर्स को बार-बार फोन चार्ज करने की परेशानी से राहत मिल सकती है। लंबी बैटरी लाइफ के साथ यह तकनीक मोबाइल इस्तेमाल के अनुभव को पूरी तरह बदल सकती है।

BRICS Summit Day 1: मोदी-जिनपिंग की मुलाकात, दिल्ली डिक्लेरेशन और गाला डिनर... समिट के पहले दिन क्या-क्या हुआ?

कांग्रेस का संगठन पुरुष प्रधान है.. कर्नाटक में महिलाओं की अनदेखी पर शिवसेना नेता कृष्णा हेगड़े ने साधा निशाना

BRICS Summit: भारत मंडपम में भव्य गाला डिनर, PM मोदी ने विदेशी मेहमानों को परोसे खास भारतीय व्यंजन

माउंट रुद्रगैरा पर लहराया तिरंगा: लखनऊ की बेटी पूर्वा धवन ने 5,826 मीटर ऊंची चोटी की फतह, मिशन एवरेस्ट पर नजर

BRICS Summit: भारत मंडपम में दिखी मोदी-पुतिन-जिनपिंग की केमिस्ट्री, तस्वीरों ने खींचा ध्यान