अगर आप अपने मोबाइल में नए ऐप्स इंस्टॉल करने के शौकीन हैं, तो अब सतर्क हो जाना जरूरी है। केंद्र सरकार ने मोबाइल यूजर्स को चेतावनी दी है कि फर्जी मोबाइल ऐप्स के जरिए साइबर ठगी का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। ये ऐप्स आपकी निजी जानकारी और बैंकिंग डिटेल्स को चुरा सकते हैं, जिससे आपको भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
गृह मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में रोजाना लगभग 6,000 लोग किसी न किसी साइबर क्राइम का शिकार बन रहे हैं। वहीं भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी आगाह किया है कि साइबर अपराधी हर साल हजारों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे हैं। इन फर्जी ऐप्स की सबसे खतरनाक बात ये है कि ये दिखने में एकदम असली ऐप्स जैसे होते हैं। एक बार फोन में इंस्टॉल होने के बाद ये आपके बैंक अकाउंट, पासवर्ड, लोकेशन और अन्य संवेदनशील डेटा तक पहुंच बना लेते हैं।
नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर जारी सरकारी एडवाइजरी के अनुसार, यूजर्स को केवल अधिकृत और सुरक्षित स्रोतों से ही ऐप डाउनलोड करने की सलाह दी गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अनजान वेबसाइट, पॉप-अप लिंक या थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म से ऐप डाउनलोड करना जोखिम भरा हो सकता है।
डिजिटल युग में स्मार्टफोन भले ही जरूरी बन गया हो, लेकिन इसकी सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। एक छोटी सी लापरवाही आपको बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए सरकार की सलाहों को गंभीरता से अपनाएं और साइबर ठगी से खुद को बचाएं।