AI Employment India: आज हर तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की चर्चा है। Claude हो या Gemini, हर नए AI टूल के साथ लोगों के मन में एक ही डर गहराता जा रहा है कहीं AI हमारी नौकरियां न छीन ले। खासतौर पर कोडिंग, डेटा एनालिसिस और सॉफ्टवेयर जैसी व्हाइट-कॉलर जॉब्स को लेकर चिंता सबसे ज्यादा है। इसी बहस के बीच Nvidia के CEO जेन्सन हुआंग ने ऐसा बयान दिया है, जिसने नौकरी और AI की इस पूरी चर्चा को नई दिशा दे दी है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस में बोलते हुए Jensen Huang ने कहा कि यह मान लेना गलत है कि AI बड़े पैमाने पर रोजगार खत्म कर देगा। उन्होंने स्वीकार किया कि ऑटोमेशन की वजह से कोडिंग और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग जैसी नौकरियों का स्वरूप बदलेगा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि काम खत्म हो जाएगा। उनके मुताबिक, AI को चलाने के लिए जिस तरह के बड़े-बड़े डेटा सेंटर्स और टेक इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होगी, वही भविष्य में लाखों नई नौकरियां पैदा करेगा।
काफी समय से इंटरनेट पर एक मज़ाक चलता आ रहा है कि लोग चाहते थे AI बर्तन और कपड़े धोए, ताकि इंसान क्रिएटिव काम कर सके, लेकिन हुआ इसका उल्टा AI आर्ट बना रहा है और इंसान घरेलू काम कर रहा है। Jensen Huang के बयान से लगता है कि यह मज़ाक भविष्य में सच बन सकता है। उनका कहना है कि आने वाले वक्त में कोडर्स से ज्यादा जरूरत प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन और टेक्नीशियन जैसे प्रोफेशनल्स की होगी। चौंकाने वाली बात यह है कि इन स्किल्स में काम करने वाले लोग सालाना एक लाख डॉलर से ज्यादा भी कमा सकते हैं।
Nvidia CEO के अनुसार, दुनिया भर में AI को अपनाने की होड़ "मानव इतिहास का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण" साबित हो सकती है। इस दौर में नए डेटा सेंटर्स, सेमीकंडक्टर फैक्ट्रियां, चिप प्लांट्स और AI-स्पेशल यूनिट्स बनेंगी। इन सबके लिए इंजीनियरों से ज्यादा जरूरत होगी प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, स्टील वर्कर्स और कंस्ट्रक्शन एक्सपर्ट्स की।
Huang का मानना है कि सिर्फ नौकरियों की संख्या ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि इन स्किल-आधारित प्रोफेशन्स की कमाई भी तेजी से बढ़ेगी। कई ट्रेड जॉब्स की सैलरी अब पारंपरिक टेक जॉब्स के बराबर या उनसे ज्यादा हो रही है। स्किल्ड लेबर की कमी के चलते AI और चिप फैक्ट्रियों में काम करने वाले लोग छह अंकों की सैलरी तक पा सकते हैं।
Nvidia CEO ने साफ कहा कि AI की दुनिया सिर्फ इंजीनियर्स और कोडर्स तक सीमित नहीं है। उनके शब्दों में, "हर किसी को अच्छी कमाई का मौका मिलना चाहिए," चाहे वह लैपटॉप के सामने बैठकर काम करे या किसी फैक्ट्री साइट पर।
जहां एक ओर AI को लेकर डर का माहौल है, वहीं Jensen Huang इतिहास का हवाला देते हैं। उनका कहना है कि टेक्नोलॉजी अक्सर नौकरियां खत्म नहीं करती, बल्कि उन्हें नए रूप में बदल देती है। AI जब दोहराए जाने वाले काम संभाल लेगा, तब इंसान ज्यादा वैल्यू वाले और नए तरह के रोल्स में आगे बढ़ेगा चाहे वह कोडिंग से बाहर ही क्यों न हों।