AI in a Box India (Source. Pixabay) 
टेक्नॉलजी

बिना इंटरनेट चलेगा AI, ऑफिस में लगेगा AI का डिब्बा, डाटा भी रहेगा पूरी तरह सुरक्षित

Offline AI System: AI इस्तेमाल करने के लिए इंटरनेट पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। भारत की दो कंपनियां Erinox AI और KOGO ने मिलकर एक नया सिस्टम पेश किया है।

सिमरन सिंह

AI in a Box India: अब AI इस्तेमाल करने के लिए इंटरनेट पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। भारत की दो कंपनियां Erinox AI और KOGO ने मिलकर एक नया सिस्टम पेश किया है, जिसे "AI in a Box" कहा जा रहा है। यह एक ऐसी मशीन है जो ऑफिस के अंदर ही AI की पूरी ताकत उपलब्ध कराती है वो भी बिना इंटरनेट कनेक्शन के। इसकी शुरुआती कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है।

क्या है 'AI in a Box'?

अब तक कंपनियां ChatGPT या Gemini जैसे क्लाउड-आधारित AI टूल्स का इस्तेमाल करती थीं, जिनमें डाटा इंटरनेट के जरिए बाहरी सर्वर पर जाता है। इससे गोपनीय जानकारी के लीक होने का खतरा बना रहता है। लेकिन इस नए AI बॉक्स में पूरा सिस्टम ऑफिस के अंदर ही इंस्टॉल होगा। यानी डाटा कहीं बाहर नहीं जाएगा और किसी बाहरी सर्वर पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। आप इससे वैसे ही बातचीत कर सकेंगे जैसे किसी बड़े AI चैटबॉट से करते हैं।

बिना इंटरनेट कैसे करता है काम?

इस मशीन में शक्तिशाली चिप्स पहले से लगे होते हैं, जिनमें AI का पूरा मॉडल और डाटा स्टोर रहता है। यानी AI का दिमाग इसी बॉक्स में मौजूद है। सारी प्रोसेसिंग लोकल स्तर पर होती है, जिससे डाटा लीक का खतरा लगभग खत्म हो जाता है।

क्यों जरूरी है यह तकनीक?

आज कंपनियां AI को ग्राहक डाटा, बैंक रिकॉर्ड और मेडिकल रिपोर्ट जैसी संवेदनशील जानकारी देती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक 88% कंपनियां बाहरी AI सिस्टम से सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, जबकि 95% AI प्रोजेक्ट्स प्राइवेसी कारणों से सफल नहीं हो पाए। ऐसे में यह नया सिस्टम उन संस्थानों के लिए बड़ी राहत बन सकता है, जहां डाटा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बॉक्स के अंदर क्या है खास?

इस प्राइवेट AI बॉक्स में चार प्रमुख हिस्से शामिल हैं:

  • NVIDIA के शक्तिशाली चिप्स
  • KOGO का खास ऑपरेटिंग सिस्टम
  • 500 से अधिक कनेक्टर्स वाला एंटरप्राइज सूट
  • ओपन सोर्स AI मॉडल, जो डाटा को सुरक्षित रखता है

क्या-क्या कर सकेगा यह AI?

  • इंसानों की तरह बातचीत
  • एजेंटिक AI के रूप में काम पूरा करना
  • बिना इंटरनेट डाटा स्टोर और प्रोसेस करना

कहां होगा इस्तेमाल?

  • बैंकिंग सेक्टर
  • सरकारी विभाग
  • सेना और रक्षा संस्थान
  • बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियां

फायदे क्या हैं?

  • डाटा पूरी तरह सुरक्षित
  • इंटरनेट और क्लाउड खर्च में कमी
  • तेज प्रोसेसिंग
  • गोपनीय जानकारी पर पूरा नियंत्रण

यह तकनीक खासकर उन संस्थानों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है, जो AI की ताकत चाहते हैं लेकिन डाटा सुरक्षा से समझौता नहीं करना चाहते।

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