AI CCTV In Railways: ट्रेन से सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए रेलवे जल्द बड़ा बदलाव करने जा रहा है। बता दें कि लंबे सफर में ट्रेन की पैंट्री कार या कैटरिंग सर्विस से खाना लेने वाले यात्रियों की सबसे बड़ी चिंता अक्सर खाने की क्वालिटी और साफ-सफाई को लेकर होती है। ऐसे में अब रेलवे इसी समस्या पर लगाम लगाने के लिए पैंट्री कार और बेस किचन में CCTV कैमरों का नेटवर्क लगाने की तैयारी कर रहा है।
जिसकी शुरुआत ईस्ट सेंट्रल रेलवे रूट पर चलने वाली प्रीमियम ट्रेनों से किए जाने की योजना है। वहीं इसका मकसद खाना तैयार करने से लेकर पैकिंग और यात्रियों तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखना है।
जानकारी में नबताया जा रहा है कि रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने नई दिल्ली स्थित IRCTC के वॉर रूम का दौरा कर कैटरिंग सर्विस की समीक्षा की थी। इस दौरान यात्रियों को बेहतर और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के लिए सर्विलांस सिस्टम मजबूत करने पर जोर दिया गया। वहीं रिपोर्ट यह भी बताती है कि ईस्ट सेंट्रल रेलवे में मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की 73 पैंट्री कार और ट्रेन साइड वेंडिंग सर्विस हैं। वहीं बेस किचन की संख्या बढ़कर 62 हो चुकी है। इन सभी जगहों पर CCTV निगरानी का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।
नए सिस्टम इस बात पर नजर रखना आसान होगा कि पैंट्री और बेस किचन में खाना किस तरह तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा सफाई, पैकेजिंग और भोजन की सप्लाई से जुड़ी गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकेगी। वहीं अगर किसी जगह पर नियमों की अनदेखी या साफ-सफाई में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित टीम तक इसकी जानकारी पहुंचाकर कार्रवाई की जा सकती है। इससे कैटरिंग सिस्टम में जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।
बताया जा रहा है कि रेलवे जिन AI-enabled CCTV कैमरों की मदद लेने जा रहा हैवे सामान्य कैमरों से अलग हो सकते हैं। जिसमें AI और स्मार्ट डिटेक्शन तकनीक फुटेज को लगातार स्कैन करके तय तरह की गतिविधियों या संभावित गड़बड़ी को पहचान सकती है। इसके साथ ही किसी क्षेत्र में सफाई से जुड़ी समस्या दिखाई देने पर सिस्टम अलर्ट देने में मदद कर सकता है। ऐसे में निगरानी टीम को समस्या वाले स्थान की जानकारी जल्दी मिल सकती है।
वहीं रेलवे के लिए यह कदम सिर्फ निगरानी बढ़ाने तक सीमित नहीं है। अगर सिस्टम प्रभावी तरीके से लागू होता है तो यात्रियों को मिलने वाले खाने की गुणवत्ता, स्वच्छता और कैटरिंग सर्विस में पारदर्शिता बेहतर करने में मदद मिल सकती है।