

Prayagraj Magh Mela Preparations: संगम की रेती पर वर्ष 2027 में लगने वाले माघ मेले को इस बार और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र का विस्तार कर इसे आठ सेक्टरों में बसाया जाएगा। वर्ष 2026 के मुकाबले मेला क्षेत्र करीब 81 हेक्टेयर बढ़ेगा। इस बार 925 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मेला बसाने की तैयारी है। मेला आयोजन को लेकर मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. और पुलिस आयुक्त पियूष मोर्डिया की संयुक्त अध्यक्षता में हुई पहली बैठक में तैयारियों को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।
माघ मेले में नागवासुकी मंदिर के सामने विशेष सेक्टर विकसित किया जाएगा। इसके अलावा पांटून पुलों की संख्या बढ़ाने और श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने पर भी जोर रहेगा। मेला क्षेत्र को जोड़ने के लिए इस बार दो नए पांटून पुल बनाए जाने की योजना है। पिछले वर्ष की तरह नौ पांटून पुल बनाने की व्यवस्था भी रहेगी। मेला क्षेत्र में पार्किंग और यातायात व्यवस्था को लेकर पहले से वैकल्पिक इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
वर्ष 2027 का माघ मेला 14 जनवरी से छह मार्च तक चलेगा। कुल 52 दिनों के इस आयोजन में छह प्रमुख स्नान पर्व होंगे। 14-15 जनवरी को मकर संक्रांति, 22 जनवरी को पौष पूर्णिमा, छह फरवरी को मौनी अमावस्या, 11 फरवरी को बसंत पंचमी, 20 फरवरी को माघी पूर्णिमा और छह मार्च को महाशिवरात्रि का स्नान होगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग क्षेत्र को 250 से बढ़ाकर 280 हेक्टेयर किया जाएगा। पार्किंग स्थलों की संख्या 42 से बढ़ाकर 48 और क्षमता 1.30 लाख से बढ़ाकर 1.45 लाख वाहनों की जाएगी। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या 400 से बढ़ाकर 1152 की जाएगी। चौकियों की संख्या 42 से बढ़ाकर 50 करने का प्रस्ताव है।
सुरक्षा व्यवस्था में महिला हेल्प डेस्क 16 से बढ़ाकर 18 और साइबर हेल्प डेस्क 16 से बढ़ाकर 17 किए जाएंगे। यातायात व्यवस्था के लिए एक की जगह दो ट्रैफिक लाइन बनाई जाएंगी। अग्निशमन कर्मियों की संख्या 17 से बढ़ाकर 19 करने की तैयारी है। मंडलायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र में समतलीकरण, सैनिटेशन, टेंट और पांडालों के साथ बिजली, पेयजल, ड्रेनेज तथा अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को समय से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि मेले की व्यवस्थाओं में पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए कमियों की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को अभी से विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।