AI Boss ने एक इंसान को नौकरी से निकाला। Source. Gemini
टेक्नॉलजी

AI बॉस ने इंसान को नौकरी से निकाला, सैन फ्रांसिस्को के स्टोर में हुआ हैरान करने वाला फैसला

AI Manager: AI अब सिर्फ सवालों के जवाब देने, कंटेंट लिखने या तस्वीरें बनाने तक सीमित नहीं रह गया है। रिटेल स्टोर Andon Market में AI मैनेजर ने एक इंसानी कर्मचारी को नौकरी से निकालने की सिफारिश की है।

सिमरन सिंह

AI Fired An Employee: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ सवालों के जवाब देने, कंटेंट लिखने या तस्वीरें बनाने तक सीमित नहीं रह गया है। सैन फ्रांसिस्को से सामने आया एक मामला AI की बढ़ती ताकत और भविष्य की नौकरी की दुनिया को लेकर नई बहस छेड़ रहा है। बता दें कि यहां प्रयोग के तौर पर चल रहे रिटेल स्टोर Andon Market में AI मैनेजर ने एक इंसानी कर्मचारी को नौकरी से निकालने की सिफारिश की। जिसमें खास बात यह है कि फैसला कर्मचारी के काम और अटेंडेंस से जुड़े डेटा का विश्लेषण करने के बाद लिया गया है।

23 में से 17 शिफ्ट में देर से पहुंचा कर्मचारी

Andon Labs के बारे में बताए तो यह एक AI मैनेजर है जिसका नाम Luna है जो Claude AI मॉडल पर आधारित है इस AI ने कर्मचारी के प्रदर्शन का आकलन किया। वहीं रिपोर्ट में सामने आया कि कर्मचारी 23 शिफ्ट में से 17 बार देर से काम के लिए पहुंचा था। इतना ही नहीं उसके काम में भी लापरवाही सामने आई थी। जिसकी शुरुआत में AI ने उसे नौकरी से निकालने के बजाय चेतावनी देने का सुझाव दिया था।

पहले नरम था AI बॉस, फिर बदला रवैया

इश मामले में दिलचस्प बात यह है कि Luna ने शुरुआत में कर्मचारियों के साथ काफी नरम रवैया अपनाया था। AI ने खुद अटेंडेंस पॉलिसी तैयार की थी लेकिन सीमित मेमोरी के कारण वह अपनी ही बनाई नीति को भूल गया। जिसका नतीजा यह हुआ कि कर्मचारियों को बार-बार देर से आने के बावजूद काम करने दिया गया था। वहीं Andon Labs के CEO लुकास पीटरसन के ने बताया कि अगर इस मामले में कोई इंसानी मैनेजर होता तो कर्मचारी को काफी पहले ही नौकरी से निकाल चुका होता।

स्टोर को हुआ बड़ा आर्थिक नुकसान

देखा गया कि AI मैनेजर की नरम नीति का असर स्टोर की वित्तीय स्थिति पर भी पड़ा है। जिसमें मार्च में स्टोर के बैंक खाते में करीब 1,00,000 डॉलर थे जो पांच महीने बाद घटकर 61,186 डॉलर रह गए। इसके बाद कंपनी ने Luna को उसकी पुरानी अटेंडेंस पॉलिसी याद दिलाई और कर्मचारी के प्रदर्शन का दोबारा मूल्यांकन करने को कहा गया था। इस मामले में टाइम मैगजीन ने जो रिपोर्ट सामने रखी उसके मुताबिक, AI ने अपने आप अंतिम फैसला नहीं लिया था। इशमें जब एक वरिष्ठ अधिकारी ने पूछा, "क्या यह कर्मचारी इस स्टोर के लिए सही है?", तब Luna ने दोबारा उपलब्ध डेटा का विश्लेषण किया और आखिरकार कर्मचारी को नौकरी से हटाने की सिफारिश की थी।

क्या AI बॉस भविष्य की हकीकत है?

इस घटना को देखकर सिर्फ एक कर्मचारी की नौकरी जाने की कहानी का पता नहीं चलता बल्कि आने वाले समय की कार्य संस्कृति की झलक भी दिखाई देती है। वहीं जैसे-जैसे AI एजेंट अधिक सक्षम होंगे उनके जरिए कर्मचारियों की निगरानी, प्रदर्शन मूल्यांकन और मैनेजमेंट जैसे काम किए जा सकते हैं।

लेकिन सवाल यह भी है कि किसी कर्मचारी की नौकरी जैसे संवेदनशील फैसले में AI को कितनी स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। इसको लेकर स्टोर के कर्मचारी फेलिक्स कार्सन ने AI के अधीन काम करने के अनुभव को अजीब और डरावना बताया। उनके मुताबिक, वह अपनी जरूरतों और मजबूरी के कारण यह नौकरी कर रहे हैं।

इसके अलावा इस मामले को देखकर यह संकेत भी मिलता है कि भविष्य में AI और इंसानों का रिश्ता सिर्फ टेक्नोलॉजी और यूजर तक सीमित नहीं रहेगा। संभव है कि आने वाले सालों में इंसान ऐसे सिस्टम के लिए काम करते नजर आ सकते है जो खुद उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन करने की क्षमता रखते हों।

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