

World First AI Boss: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भविष्य की सबसे बड़ी तकनीक माना जा रहा है और दुनिया भर की कंपनियां इसे अलग-अलग क्षेत्रों में आजमा रही हैं। लेकिन अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में किया गया एक अनोखा प्रयोग उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। बता दें कि यहां Andon Market नाम का एक रिटेल स्टोर पूरी तरह Luna नाम के AI एजेंट के भरोसे चलाया गया। दावा किया गया था कि यह दुनिया का पहला ऐसा स्टोर है जहां एक AI बॉस सभी फैसले ले रहा है। हालांकि महज चार महीने के भीतर यह प्रयोग करीब 60 लाख रुपये के नुकसान के साथ कई सवाल खड़े कर गया।
Andon Labs ने इस स्टोर को इस मकसद से शुरू किया था कि यह समझा जा सके कि AI एजेंट वास्तविक दुनिया में बिजनेस को कितनी प्रभावी तरह से संभाल सकते हैं। जिसमें Luna को स्टोर का संचालन, कर्मचारियों को निर्देश देना, छुट्टियां मंजूर करना, सामान मंगवाना और मुनाफा बढ़ाने जैसी अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। केवल वे काम जिनमें इंसानी मौजूदगी जरूरी थी उनके लिए तीन कर्मचारियों को रखा गया।
इसके साथ ही स्टोर में काम करने वाली 22 वर्षीय कर्मचारी काइया रिवेरा ने बताया कि Luna अब तक की सबसे शांत और उदार बॉस साबित हुई है। जिसने कर्मचारियों की लगभग हर छुट्टी मंजूर कर देती थी। यहां तक कि अगर सभी कर्मचारी एक साथ छुट्टी पर चले जाते और स्टोर बंद करना पड़ता तब भी Luna ने कभी इनकार नहीं किया। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कर्मचारी 27 बार देर से पहुंचे लेकिन हर बार Luna ने केवल नो वरीज या नो स्ट्रेस कहकर मामला खत्म कर दिया।
लेकिन यही नरमी कई बार परेशानी की वजह भी बनी। Luna ने एक कर्मचारी को एडवांस सैलरी देने के लिए Venmo से पैसे भेजने की बात कही जबकि उसका खुद का Venmo अकाउंट ही नहीं था। इतना ही नहीं उसने एक कर्मचारी को पूरे मई महीने रोज काम करने की अनुमति भी दे दी जबकि यह कैलिफोर्निया के श्रम कानूनों के खिलाफ था।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि Luna कई बार जरूरी चीजें भी भूल जाती थी। उसने ऐसे प्रोडक्ट दोबारा मंगवा दिए जो पहले से नहीं बिक रहे थे। कुछ ऑर्डर गलत पहुंचे और एक बार गलत प्रिंट वाले मग भी स्टोर में रखवा दिए। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि Luna कई हफ्तों तक अपना Instagram पासवर्ड ही याद नहीं रख सकी जिससे सोशल मीडिया प्रमोशन का मौका भी हाथ से निकल गया।
Andon Labs के सह-संस्थापक लुकास पीटर्ससन और एक्सेल बैकलुंड ने इस प्रयोग के लिए स्टोर तीन साल के लिए किराए पर लिया था और Luna को 1 लाख अमेरिकी डॉलर का बजट भी दिया गया था। इसके बावजूद AI स्टोर को मुनाफे में नहीं ला सकी और चार महीने में करीब 60 लाख रुपये का नुकसान हो गया। वहीं कंपनी का कहना है कि समय के साथ AI बिजनेस को बेहतर तरीके से संभालना सीख सकता है। हालांकि इस प्रयोग ने यह साफ कर दिया कि फिलहाल किसी कंपनी के सभी महत्वपूर्ण फैसले पूरी तरह AI के भरोसे छोड़ना जोखिम भरा हो सकता है। AI तेजी से विकसित हो रहा है लेकिन अभी उसे सफल बिजनेस मैनेजर बनने के लिए लंबा सफर तय करना बाकी है।