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भारत-न्यूजीलैंड टी-20 सीरीज में भुवनेश्वर कुमार के चयन पर इरफान पठान ने उठाया सवाल
इरफान पठान ने कहा कि भुवनेश्वर कुमार को मौका देना सिलेक्टर्स की एक बहुत बड़ी भूल
टीम इंडिया के सिलेक्शन को लेकर गरमाया विवाद
Irfan Pathan Statement Regarding Bhuvneshwar Kumar: भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली गई पांच मैचों की टी-20 सीरीज समाप्त हो गई है। इस बीच टीम इंडिया के सिलेक्शन को लेकर विवाद गरमा गया है। सीरीज के समापन के ठीक बाद पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के चयन पर चयनकर्ताओं को जमकर आड़े हाथों लिया है। इरफान ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो जारी कर बेहद तीखे तेवरों में इस फैसले की टाइमिंग और मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
दरअसल, इरफान पठान का मानना है कि इस सीरीज में भुवनेश्वर कुमार को मौका देना सिलेक्टर्स की एक बहुत बड़ी भूल थी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब सामने कोई टी-20 वर्ल्ड कप नहीं है, तो भुवी जैसे सीनियर खिलाड़ी को खिलाने का कोई औचित्य नहीं बनता था। अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए इरफान ने कहा कि जब आप सीरीज 4-1 से जीतते हैं और जब 3-2 से जीतते हैं, तो उसमें बड़ा फर्क होता है।
न्यूजीलैंड आखिरी दो मैच जीतकर बहुत खुश होगी। हैमिल्टन में उन्होंने 18 ओवर में 192 रन चेज कर पूरी तरह कंट्रोल के साथ जीत दर्ज की। इस सीरीज में भारत के लिए कई पॉजिटिव्स रहे, लेकिन सिलेक्टर्स यहां पर चूक गए। भुवनेश्वर कुमार को इस सीरीज के लिए चयनित करना उनकी एक बड़ी चूक थी।
बता दें कि इरफान पठान ने भुवी की काबिलियत पर नहीं, बल्कि उनके चयन से युवा गेंदबाजों को हुए नुकसान पर चिंता जताई। इस सीरीज में भुवनेश्वर कुमार ने 4 मैचों में 11.25 की महंगी इकोनॉमी से 16 ओवर फेंके और सिर्फ 1 विकेट चटकाया। हालांकि, पठान ने कहा कि वह भुवी के प्रदर्शन से नहीं, बल्कि चयन की टाइमिंग से नाराज हैं।
नुकसान का जिक्र करते हुए इरफान पठान ने कहा कि भुवनेश्वर अच्छे और सीनियर गेंदबाज हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है। लेकिन अभी न्यूजीलैंड में उन्हें खिलाना समझ से परे है, जबकि आगे 50 ओवर का वर्ल्ड कप होना है।
भुवी के खेलने की वजह से मयंक और प्रिंस यादव जैसे युवा तेज गेंदबाजों को सभी मैचों में खेलने का मौका नहीं मिल सका। बतौर सिलेक्टर आपने एक युवा खिलाड़ी से न्यूजीलैंड की धरती पर अनुभव हासिल करने का बड़ा मौका छीन लिया है।
पूर्व ऑलराउंडर ने सिलेक्टर्स को नसीहत देते हुए कहा कि अगर कोई बड़ा वर्ल्ड कप आ रहा हो और बैकअप के तौर पर आप सीनियर खिलाड़ी को तैयार रख रहे हैं, तो बात समझ आती है। लेकिन बिना किसी बड़े टी-20 टूर्नामेंट के युवाओं के मौके मारना गलत है।
उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि मैं यह इसलिए नहीं कह रहा कि भुवनेश्वर कुमार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। उनकी स्किल पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन टाइमिंग पर जरूर सवाल है। क्या यह मौका किसी युवा तेज गेंदबाज के लिए बेहतर नहीं होता? मेरा मानना है कि बिल्कुल बेहतर होता। इसी वजह से सीरीज से पहले जब भुवी का सिलेक्शन हुआ था, तब भी मैंने इसके विपरीत विचार रखे थे।