

Highlights:
मोहम्मद शमी ने भुवनेश्वर की वापसी का स्वागत किया।
शमी का पूरा फोकस अभी घरेलू क्रिकेट पर है।
चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद से बाहर चल रहे मोहम्मद शमी।
Mohammed Shami statement On Bhuvneshwar Kumar: आगामी न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम इंडिया में मध्यम गति के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की चार साल बाद टी-20 टीम में वापसी ने हर किसी को चौंका दिया है। इस बीच पूर्व क्रिकेटरों ने चयनकर्ताओं के इस फैसले की सराहना की है।
भुवनेश्वर के चयन के बाद अब एक और अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की भारतीय क्रिकेट टीम में वापसी को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे है। ऐसे में 33 वर्षीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने इस पूरे मामले पर एक बड़ा बयान दिया है।
मोहम्मद शमी ने 'रेवस्पोर्ट्ज़' से बातचीत में भुवनेश्वर कुमार के चयन और अपनी वापसी की संभावनाओं पर खुलकर बात की। शमी ने कहा कि, भुवनेश्वर कुमार को भारत के लिए दोबारा खेलने का मौका मिला है और यह उनके लिए बहुत अच्छी बात है। लेकिन उनके चयन से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।
मुझे जहाँ भी खेलने का मौका मिलेगा, मैं अपना शत-प्रतिशत और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूँगा। फिलहाल मेरा पूरा ध्यान इस रणजी मैच पर है। अगर मुझे दोबारा भारत के लिए खेलने का मौका नहीं मिलता है, तो यह मेरा नुकसान नहीं है।
मोहम्मद शमी ने भारतीय टीम के लिए आखिरी बार चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में हिस्सा लिया था। इसके बाद से वह फिटनेस संबंधी समस्याओं और टीम प्रबंधन द्वारा युवा गेंदबाजों को प्राथमिकता दिए जाने के कारण टीम से बाहर चल रहे हैं। भुवनेश्वर की वापसी के बाद पूर्व क्रिकेटरों ने शमी को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं।
रविचंद्रन अश्विन और वसीम जाफर जैसे दिग्गजों का मानना है कि शमी के लिए भी टीम में वापसी के दरवाजे अभी पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। वहीं, पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मोहम्मद शमी के लिए टीम इंडिया में वापसी करना काफी मुश्किल नजर आता है।
शमी ने रणजी ट्रॉफी में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है, बावजूद चयनकर्ताओं ने प्रसिद्ध कृष्णा और हर्षित राणा जैसे युवा तेज गेंदबाजों पर अधिक भरोसा जताया है।
दूसरी ओर, भुवनेश्वर कुमार की 4 साल से अधिक समय बाद टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम में वापसी मुख्य रूप से आईपीएल में उनके शानदार प्रदर्शन के आधार पर हुई है, जबकि शमी आईपीएल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दोहराने में नाकाम रहे थे। चर्चा यह भी है कि आईपीएल के इस प्रदर्शन के दम पर भुवनेश्वर को आगामी वनडे टीम में भी जगह मिल सकती है।
अब ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि क्या IPL का प्रदर्शन ही टीम इंडिया में चयन का आधार है तो यह बात अजीब लगती है, क्योंकि माना जाता है कि भारत की घरेलू प्रतिष्ठित टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी ही एक ऐसा गेम है जिसके आधार पर भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाने के लिए अधिक मददगार माना जाता है लेकिन कुछ सालों से अब ऐसा नहीं रह गया है।
चयनकर्ता अब आईपीएल के प्रदर्शन पर खिलाडियों का चयन कर रहे है ऐसे में रणजी ट्रॉफी का कोई वजुद नहीं रह जाता है जो कि यह चिंता का विषय है खिलाड़ियों के लिए।
इसका सबसे बड़ा उदाहरण अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का है जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद उनको टीम इंडिया में जगह नहीं मिल रही है वहीं दूसरी ओर IPL के प्रदर्शन पर टीम इंडिया में भुवनेश्वर कुमार का चयन होना ये दर्शता है कि अब रणजी नहीं आईपीएल ही टीम इंडिया में चयन का मुख्य आधार है।