Gurindervir Singh Record: रांची के बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय सीनियर फेडरेशन एथलेटिक्स चैंपियनशिप का दूसरा दिन भारतीय खेलों के लिए यादगार बन गया। देश के कई शीर्ष एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धियां हासिल कीं, बल्कि राष्ट्रीय रिकॉर्ड बुक में भी नए अध्याय जोड़ दिए। ट्रैक और फील्ड दोनों स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने अपनी क्षमता का बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिससे भारतीय एथलेटिक्स के भविष्य को लेकर उम्मीदें और मजबूत हुई हैं।
प्रतियोगिता के सबसे चर्चित प्रदर्शनों में से एक गुरिंदरवीर सिंह का रहा। पुरुषों की 100 मीटर स्पर्धा में उन्होंने 10.09 सेकंड का समय निकालते हुए नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम कर दिया। शुरुआत से ही शानदार लय में दिखे गुरिंदरवीर ने फिनिश लाइन तक अपनी गति बरकरार रखी और भारतीय एथलेटिक्स इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया। उनका यह प्रदर्शन केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि एशियाई एथलेटिक्स के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मौजूदा सत्र में यह समय एशिया के सबसे तेज प्रदर्शनों में शामिल है। गुरिंदरवीर की इस उपलब्धि के बाद खेल जगत के कई दिग्गजों ने उन्हें बधाई दी और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
400 मीटर दौड़ में तमिलनाडु के युवा धावक विशाल टी.के. ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसका भारतीय एथलेटिक्स लंबे समय से इंतजार कर रहा था। उन्होंने यह रेस 44.98 सेकंड में पूरी की और 45 सेकंड की बाधा तोड़ने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। इस उपलब्धि के साथ विशाल ने अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बेहतर किया। पिछले वर्ष उन्होंने 45.12 सेकंड का समय दर्ज किया था, लेकिन इस बार उससे भी तेज दौड़ लगाकर नया इतिहास रच दिया। उनका प्रदर्शन इस साल एशिया के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में गिना जा रहा है।
विशाल टी.के. की उपलब्धि केवल रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रही। उनके समय ने उन्हें 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए निर्धारित क्वालीफिकेशन मानक भी दिला दिया। इससे अब वह आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की उम्मीदों का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे हैं। कम उम्र में इस तरह का प्रदर्शन यह संकेत देता है कि भारतीय एथलेटिक्स को भविष्य के लिए एक मजबूत धावक मिल चुका है।
ट्रैक स्पर्धाओं के अलावा फील्ड इवेंट में भी भारतीय खिलाड़ियों ने कमाल किया। डेकाथलॉन में तेजस्विन शंकर ने 8057 अंक जुटाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना दिया। वह 8000 अंकों का आंकड़ा पार करने वाले भारत के पहले एथलीट बन गए हैं। इस प्रदर्शन के दौरान उन्होंने अपना पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। लगातार दो दिनों तक विभिन्न स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए तेजस्विन ने साबित किया कि वह बहु-प्रतियोगिता वर्ग में भारत के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक हैं। उनके इस प्रदर्शन ने उन्हें एशियाई स्तर पर भी मजबूत पहचान दिलाई है।
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राष्ट्रीय सीनियर फेडरेशन एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दूसरे दिन मिले परिणाम भारतीय खेलों के लिए बेहद सकारात्मक संकेत हैं। एक ही दिन में कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटना यह दर्शाता है कि देश के एथलीट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तेजी से तैयार हो रहे हैं। आने वाले बड़े टूर्नामेंटों से पहले इन प्रदर्शनों ने भारतीय खेल प्रेमियों की उम्मीदों को नई उड़ान दी है।