स्पोर्ट्स डेस्क, नवभारत: भारतीय हॉकी टीम ने एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में एक भी मुकाबला हारे खिताब अपने नाम कर लिया है। भारतीय टीम ने मेजबान टीम चीन को फाइनल में 1-0 से हराकर एक बार फिर खिताब अपने नाम कर लिया है। भारत का यह अपना पांचवां पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब है।
पेरिस ओलंपिक कांस्य पदक विजेता भारतीय टीम पहले तीन क्वार्टर में कोई गोल नहीं कर सकी। डिफेंडर जुगराज सिंह ने 51वें मिनट में फील्ड गोल करके टीम को जीत दिलाई। यह फाइनल मुकाबला चीन के हुलुनबुइर में हुआ। इससे पहले भारतीय टीम ने दूसरे सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
बता दें कि भारत के खिलाफ खेल रही चीनी हॉकी टीम पहली बार एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची थी, हालांकि वह खिताब जीतने से चूक गई। वहीं पाकिस्तान ने कोरिया को 5-2 से हराकर टूर्नामेंट में तीसरे स्थान हासिल किया। इसमें पाकिस्तानी टीम ने शानदार अंदाज में 5-2 से जीत हासिल की। यह मैच फाइनल से ठीक पहले इसी मैदान पर हुआ था।
जानकारी के लिए बता दें कि एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में भारतीय टीम सबसे सफल टीम है। भारतीय हॉकी टीम ने अब तक 5 बार (मौजूदा सीजन समेत) एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता है। इस टूर्नामेंट की शुरुआत 2011 में हुआ था, तब भारत ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था। इसके बाद भारतीय टीम ने 2013, 2018 और 2023 सीजन भी अपने नाम किए हैं। हालांकि 2018 में भारतीय टीम पाकिस्तान के साथ संयुक्त विजेता रही थी। एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के अब तक 8 सीजन (मौजूदा समेत) हो चुके हैं, जिनमें से भारत ने 4 बार, पाकिस्तान ने 3 बार और दक्षिण कोरिया ने एक बार खिताब अपने नाम किया है।